अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। निकाय चुनाव में स्थानीय प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है। नगर पंचायत से सभासद पद के एक प्रत्याशी को मतदाता सूची में नाम न होने पर भी प्रत्याशी मानते हुए चुनाव चिह्न दे दिया गया। डीएम कुमार प्रशांत ने मामला संज्ञान में आने पर जांच बैठा दी है। इसमें बीएलओ से लेकर रिटर्निंग अफसर तक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। खुलासा तब हुआ जब प्रत्याशी ने चुनाव आयोग को फैक्स भेजा कि बीएलओ ने उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया है।
नगर पंचायत के वार्ड नंबर 14 धूमनगंज के सचिन सिंह ने वार्ड नंबर 15 चौड़ाखेर अधिकांश से सभासद पद के लिए नामांकन कराया था। प्रत्याशी ने वार्ड की मतदाता सूची लगा दी थी। नामांकन पत्र दाखिल और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद आरओ ने बिना विलोपित सूची को देखे प्रत्याशी को पेंसिल चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया।
चुनाव निशान मिलने के बाद प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गया। सोमवार को जब उसने खुद मतदाता सूची देखी तो नाम न पाकर उसके होश उड़ गए। प्रत्याशी का नाम विलोपित सूची में दर्ज था। प्रशासन की इस चूक से उम्मीदवार की प्रत्याशिता अब खतरे में पड़ गई है। दूसरी ओर इस मामले में एसडीएम अमित भट्ट का कहना है कि इस मामले को चुनाव आयोग के पास भेजा जाएगा। यदि ऐसा प्रत्याशी जीत भी जाता है तो उसे प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा।
सूची से 162 नाम हैं गायब
खागा। सभासद प्रत्याशी के साथ धूमनगंज वार्ड के 162 प्रत्याशियों के नाम गायब हैं। भाजपा प्रत्याशी अंजली देवी ने आरोप लगाया कि बीएलओ की चूक के चलते यह नाम विलोपित सूची में दर्ज हो गए। जबकि पिछले निकाय चुनाव और इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में इनके नाम सूची में थे। एसडीएम अमित भट्ट का कहना है कि मतदाताओं के नाम बढ़ाने की वेबसाइट बंद है। अब निवार्चन आयोग ही इस पर कुछ कर सकता है।
दोषियों पर होगी कार्रवाई : डीएम
फतेहपुर। बिना मतदाता सूची में नाम दर्ज हुए सभासद का चुनाव लड़ रहे खागा के प्रत्याशी के प्रकरण को डीएम कुमार प्रशांत ने गंभीर चूक स्वीकारा है। उनका कहना है कि प्रथमदृष्टया बीएलओ दोषी है। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरओ ने भी विलोपित सूची देखे बगैर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का काम किया है। लिहाजा उनका भी दोष है।
निकाय चुनाव में प्रशासन की बड़ी चूक
मतदाता सूची में नाम नहीं, दे दिया चुनाव चिह्न
डीएम बोले, कराएंगे जांच, बीएलओ व आरओ पर उठी उंगली