अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के नउवाबाग इलाके में रेलवे कर्मियों की मौत से परिजनों का हाल बेहाल है। एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। दूसरे की मौत से हंसता खेलता परिवार उजड़ गया। दोनों परिवार के लोग शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शवों को इलाहाबाद अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
इलाहाबाद रामबाग थाना क्षेत्र के मलाकराज निवासी स्वर्गीय हेमबाबू का बेटा नरेंद्र कुमार (35) और ललित नगर निवासी स्वर्गीय विनोद कुमार का बेटा आकाश (30) रेलवे पोर्टर शुक्रवार को ड्यूटी पर आ रहे थे। नउवाबाग हाईवे पर ट्रक ने कुचल दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस की सूचना के बाद शनिवार को परिजन मुर्दाघर पहुंचे। मृतक नरेंद्र के भाई वीरेंद्र ने बताया कि घटना की खबर से मां सरला देवी बेसुध हो गई हैं। करीब छह साल पहले नरेंद्र की शादी पिंकी के साथ हुई थी। उसका एक चार साल का बेटा युग है।
वहीं, दूसरे आकाश के चाचा रंजीत आए थे। उन्होंने बताया कि आकाश परिवार का इकलौता चिराग था। उसे पिता की मौत के बाद मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी। उसकी दो छोटी बहनें वर्षा व बरखा हैं। आकाश की मां किरन देवी का रो-रो कर हाल बेहाल है। एनसीआर पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि पहले कुछ रकम विभाग से अंतिम संस्कार के लिए मुहैया होगी। उसके बाद वेलफेयर डिपार्टमेंट पीड़ित परिवार की मदद घोषित करेगा।