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मांग पर भारी मजबूरी, पटरी पर सजी सब्जी की दुकानें

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खागा। नगर के अंदर सब्जी की दुकान लगाने के लिए स्थायी जगह की मांग कर रहे दुकानदारों को उनके परिवार की भूख ने उन्हें तोड़ दिया। प्रशासन की ओर से कोई ठोस विकल्प न मिलने से चार दिन से भटक रहे किसानों ने आखिरकार दक्षिणी नहर पटरी पर दुकानें लगाई। कई किसानों ने उत्तरी पटरी पर भी दुकानें लगाई तो उन्हें नगर पंचायत की ओर से रोका गया।
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बता दें कि जीटी रोड से सब्जी की दुकान लगाने वाले कई किसान करीब चार दिन से प्रशासन से यह मांग कर रहे थे कि उन्हें कस्बे के आसपास ही कोई ठोस व स्थायी जगह दी जाए। जहां पर वह व्यापार कर सके। मगर प्रशासन व नगर पंचायत की ओर से उन्हें दक्षिणी नहर पटरी का ही विकल्प दिया गया था। इसी जगह को लेकर दोनों ओर

से खींचतान चल रही थी। गुरुवार सुबह जब किसानों की जेब खाली हुई और उनकी सब्जियां खराब होने लगीं तो उन्हें मजबूर होकर दक्षिणी नहर पटरी पर बैठना पड़ गया। यहां पर जगह की कमी होने के कारण कुछ किसान उत्तरी पटरी पर एक कालेज की बाउंड्री से सटकर बैठ गए। उत्तरी पटरी का प्रयोग करने पर नगर पंचायत की ओर से नाराजगी जताई गई तो दोनों पक्ष के लोग फिर से बातचीत करने आ गए। कुछ देर की वार्ता के बाद मामला
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शांत हुआ और फिलहाल दोनों पटरियों पर किसानों ने सब्जी बेचने का काम शुरू कर दिया है।

नगर पंचायत की ओर से आरओबी के नीचे सब्जी विक्रेताओं को जगह दी गई है। यहां पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ऐसे में नगर पंचायत की ओर से फिलहाल लाइट की व्यवस्था कर दी गई है। नहर पटरी पर अभी भी अंधेरा छा जाता है। दोनों पटरियों पर स्ट्रीट लाइट का इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसानों को दिन के उजाले में ही सब्जी बेचने की मजबूरी रहेगी। उम्मीद है कि दोनों पटरियों पर नगर पंचायत की ओर से अस्थायी बिजली व्यवस्था दी जाएगी।
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फोटो 19- खागा कस्बे में दक्षिणी नहर पटरी पर लगी सब्जी की दुकानें

नहर पटरी पर लगने लगी सब्जी मंडी
जीटी रोड से सब्जी मंडी हटाने को लेकर चला रहा विवाद थमा
अमर उजाला ब्यूरो
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