फतेहपुर। प्रकाश पर्व दीपावली आज है। पूजन का मुख्य काल प्रदोष होता है। इसमें स्थिर लगन की प्रधानता होती है। वृष, सिंह, कुंभ, लग्न में दीपावली का पूजन शुभ माना जाता है। आचार्य दुर्गा दत्त शास्त्री ने बताया घर व दुकानों में पूजा का समय अलग-अलग है। घर की पूजा वृष लग्न शाम 7:14 से रात 9:10 बजे तक है, यह पूजन का उत्तम समय है।
आफिस की पूजा कुंभ लग्न में दोपहर 2:38 से शाम 4:09 बजे तक की जा सकती है। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि महालक्ष्मी की आराधना अत्यंत सरल होती है। क्षमता के अनुसार चांदी, तांबा या स्टील का पात्र लें। पात्र में लाल वस्त्र बिछाकर उसमें इत्र की सुगंध दें। इसके बाद 11 सिक्क ों में उन्हें स्थापित करें। ब्रह्म पुराण के अनुसार दीपावली पर अर्धरात्रि के समय महालक्ष्मी गृहस्थों के घरों में विचरण करती हैं। इस दिन घर के अंदर व बाहर साफ कर सजाएं। दीपावली मनाने से श्री लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर स्थायी रूप से गृहस्थ के घर निवास करती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
पूजा करते समय लक्ष्मी सदैव गणेश जी के दाहिनी ओर बैठेंगी। लक्ष्मी जी को लाल फूल, अनार प्रिय है। गणेश जी को पीले फूल, मोदक, केला अवश्य चढ़ाएं।
इन मंत्रों का करें जाप
नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरे: प्रिया।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा में भूयात्वदर्चनात॥
इन मंत्रों से इंद्र का ध्यान करें
ऐरावतसमारूढो वज्रहस्तो महाबल:।
शतयज्ञाधिपो देवस्तमा इंद्राय ते नम:॥
इस मंत्र से कुबेर का ध्यान करें.
धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च।
भवंतु त्वत्प्रसादान्मे धनधान्यादिसम्पद:॥
पूरे दिन इस अनुसार कार्य करें
सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें। दिन में पकवान बनाएं और घर सजाएं। बड़ों का आशीर्वाद लें। शाम को दोबाहरा स्नान करें। लक्ष्मी जी के स्वागत की तैयारी में घर की सफ ाई करके दीवार को चूने अथवा गेरू से पोतकर लक्ष्मी जी का चित्र बनाएं या लगाएं। भोजन में स्वादिष्ट व्यंजन, अनेक प्रकार की मिठाई बनाएं। लक्ष्मी जी के चित्र के सामने एक चौकी रखकर उस पर मौली बांधें। इस पर गणेश जी की मिट्टी की मूर्ति स्थापित करें। फि र गणेश जी को तिलक कर पूजा करें। अब चौकी पर छह चौमुखे व 26 छोटे दीपक रखें। इनमें तेल बत्ती डालकर जलाएं। फि र जल, मौली, चावल, फ ल, अबीर, गुलाल, धूप आदि से विधिवत पूजन करें। पूजा के बाद एक-एक दीपक घर के कोनों में जलाकर रखें। एक छोटा तथा एक चौमुखा दीपक रखकर निम्न मंत्र से लक्ष्मी जी का पूजन करें। एक पाट पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर एक जोड़ी लक्ष्मी तथा गणेश जी की मूर्ति रखें। समीप ही सौ रुपया, सवा सेर चावल, गुड़, चार केले, मूली, पांच लड्डू रखकर लक्ष्मी-गणेश का पूजन करें।
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अमर उजाला ब्यूरो