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पौने सात लाख की रिकवरी होगी

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फतेहपुर। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने हसवा ब्लाक में कराए गए विकास कार्याें की जांच में घपले की पुष्टि होने पर छह लाख 76 हजार रुपये वसूली कराने के निर्देश दिए हैं। जांच की आंच में जो पांच नाम उजागर हुए हैं। इसमें पूर्व बीडीओ और पूर्व ब्लाक प्रमुख के नाम भी शामिल हैं।
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हसवा ब्लाक के रामपुर इमादपुर में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह ने 22 अप्रैल को दिए शिकायती पत्र की जांच उपायुक्त स्वत: रोजगार व सहायक अभियंता प्रांतीय खंड लोेक निर्माण विभाग से डीएम ने कराई है। जांच आख्या में वर्ष 2007-08 में मनरेगा से कराए गए सेमरा बुजुर्ग से घनाजीपुर संपर्क मार्ग में मिट्टी की पुराई, खड़ंजा एवं पुलिया निर्माण की स्वीकृति लंबाई 1300 मीटर व लागत आठ लाख 35 हजार के सापेक्ष सात लाख 45 हजार रुपये खर्च कर कार्य पूर्ण कराने की बात सामने आई।

इसी प्रकार वर्ष 2014-15 में राज्य वित्त से स्वीकृत मुरांव घुरी मार्ग से धनाजीपुर तक खड़ंजा निर्माण की लंबाई 450 मीटर है, जिसमें छह लाख 85 हजार के सापेक्ष छह लाख 76 हजार का व्यय अभिलेखों में दर्शाया गया है, जबकि मौके पर कार्य नहीं पाया गया। वर्ष 2016-17 में सेमरा संपर्क मार्ग से धनाजीपुर तक खड़ंजा मरम्मत कार्य चतुर्थ राज्य वित्त से स्वीकृत हुआ था।
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115 मीटर के इस काम मेें स्वीकृत नौ लाख 84 हजार 500 रुपये के सापेक्ष नौ लाख 39 हजार 489 रुपये खर्च कर मरम्मत कराने का मामला सामने आया। इस विकास कार्यों में घपले की पुष्टि होने पर डीएम कुमार प्रशांत ने इस मामले में ब्लाक के तत्कालीन सेवा निवृत्त सहायक लेखाकार नरेंद्र कुमार तिनगुरिया, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता सुरेंद्र पाल सिंह, ग्राम विकास अधिकारी कृष्णपाल सिंह, तत्कालीन बीडीओ राजीव कुमार और पूर्व ब्लाक प्रमुख आशा देवी में प्रत्येक से एक लाख 35 हजार 200 रुपये की वसूली कराने का आदेश दिया है।
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- डीएम ने हसवा ब्लाक में कराए गए विकास कार्याें की कराई थी जांच
- जांच की इस आंच में पूर्व बीडीओ व पूर्व प्रमुख के नाम भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
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