पशुपालकों ने बताया कि तेज बारिश और हवा के चलते उन्हें रात में किसी भी तरह की आवाज सुनाई नहीं दी, जिससे कुत्तों के हमले का पता नहीं चल सका। एक ही रात में 15 भेड़ों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और क्षेत्र में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।