चैत्र मास के नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र पर्व की तैयारियां शुक्रवार की देर शाम तक चलती रहीं। देवी मंदिरों को सजाया-संवारा जाता रहा। मंदिरों में साधु-संतों का जमावड़ा लगने लगा। उधर, देवीभक्त पूजा-सामग्री की खरीदारी मेें रमे देखे गए। घट स्थापना का प्रथम शुभ मुहूर्त सुबह 7.42 से 9.12 बजे तक रहेगा।
इस बार नवरात्र आठ दिन के पड़ रहे हैं। जगतजननी मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की होने वाली पूजा अर्चना के लिए उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ को आराधना में दिक्कतें न होने पाए, इसके लिए मंदिर कमेटियां तैयारियों को अंतिम रूप देती रहीं। शहर के प्रसिद्ध पीठ दुर्गा मंदिर, कालिकन मंदिर, शीतला मंदिर समेत तांबेश्वर धाम मेें साज सज्जा का काम सुबह से लेकर शाम तक होता रहा।
इसी प्रकार से पुरानी बिंदकी स्थित पौराणिक धाम मां ज्वाला मंदिर, काली मंदिर ठठराही व जहानपुर के अलावा बिंदकी के लंका रोड स्थित शीतला मंदिर को भक्तों के लिए तैयार किया जाता रहा।
उधर, साल में दो मर्तबा होने वाले देवी पर्व को लेकर भक्तों में उल्लास और उत्साह देखते बन रहा है। मां दुर्गा के भक्त आस्था का उबाल मारने को खुद को तैयार कर चुके हैं।
पूजा की थाली को सजाने का काम होता रहा। हवन, धूप अगरबत्ती, परिधान, फल व मिठाई के अलावा वृत्त में प्रयोग किए जाने वाले खाद्य व पेय पदार्थो की दुकानों में खरीदारों का देर शाम तक मजमा लगा रहा। हरिहरगंज साइड में रेलवे लाइन किनारे स्थित सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ता है। उत्तरी शहर के सैकड़ों लोग रेल लाइन के खतरे से बेपरवाह होते हुए इस देवीधाम में शीश नवाने के लिए पहुंचते हैं।
कोट
आचार्यों ने बताया कि नवरात्र पर्व पर कलश स्थापना का प्रथम शुभ मुहूर्त सुबह 7.42 से 9.12 बजे तक रहेगा। इसके बाद 11.36 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक घट स्थापना की जा सकती है।