अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मंगलवार को तहसील स्तरीय धरना देकर सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें लेखपालों पर हो रहे उत्पीड़न की निंदा करते हुए शासन की कार्यशैली का विरोध जताया गया।
सदर तहसील अध्यक्ष रमेशचंद्र मिश्र ने कहा कि लेखपालों की सुरक्षा में प्रशासन अनदेखी कर रहा है। अलीगढ़, चंदौली और आगरा में लेखपालों की हत्या हुई हैं। क्षेत्र मेें अवैध कब्जा हटवाना, भूमाफियाओं को चिह्नित करने की जिम्मेदारी लेखपाल की है। बिना सुरक्षा के लेखपाल क्षेत्र में जाते हैं। दबंग व भूमाफियों से वाद-विवाद होता है। जिन लेखपालों की हत्या की गई है, उनके परिजनों को 20-20 लाख रुपये आर्थिक मदद दी जाए। अवैध खनन के मामले में खनन निरीक्षक और ग्राम प्रधान व नायब तहसीलदार की ओर से एफआईआर कराई जाए।
सार्वजनिक, सरकारी, ग्राम समाज भूमि में कब्जा चिह्नित करने के लिए तहसील में टीम गठित हो। पैमाइश में प्रशिक्षित अधिकारी, कर्मचारी को भेजा जाए। समाधान व थाना दिवस की शिकायतों का प्रभारी अधिकारियों के नेतृत्व में अवैध कब्जा हटाएं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कंधईलाल, वीरेंद्र सिंह, अशोक कुमार तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, क्षत्रपाल गुप्ता, अजय पाल, राजाराम, लववीर सिंह, सोनेलाल मौजूद रहे।
खागा प्रतिनिधि के अनुसार, लेखपाल संघ ने एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह के माध्यम से 10 सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष दिनेश सिंह, मंत्री अशोक कुमार सिंह, आशाराम, रामसिंह, भानचंद्र मौर्या, शिव कुमार सिंह, अशर्फीलाल, महेंद्रनाथ त्रिपाठी, इदरीश, विकाश कुमार, स्वाती शुक्ला, आरती शुक्ला, अमरपाल सिंह, आदित्य कुमार मौजूद रहे।