अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के बरौरा गांव में कालोनी की कच्ची छत ढहने से 92 साल के हरछठी दब गए। ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से निकाला और अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बरौरा निवासी हरछठी की बेटी सोमवती ने बताया कि परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। अचानक शुक्रवार की रात लगभग ढाई बजे कुछ ढहने की आवाज आई। उन्हें लगा कि मवेशी बांधने की जगह का छप्पर ढह गया। जब निकले तो देखा बाहर कमरे की कच्ची छत ढही थी।
मलबे में पिता दब गए थे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उनको बाहर निकाला जा सका। वे बेसुध थे। एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया कि परिवार के लोगों का मजदूरी से भरण पोषण होता है।
हरछठी को 2013 में इंदिरा आवास योजना में यह कालोनी मिली थी। कालोनी के आधे हिस्से में छत पड़ गई थी। बाकी रुपये न मिलने से छत कच्ची ही बनानी पड़ी। बेटी ने बताया कि कई दिनों से बारिश हो रही थी। परिवार को छत ढहने की संभावना नहीं थी, हादसा हो गया।
परिवार में चार बेटे कन्हई, होरीलाल, बाबू और रमेश हैं। रमेश अविवाहित है। मां की बीस साल पहले मौत हो गई थी। एसओ अनूप सिंह ने बताया कि घटनास्थल की जांच कर राजस्व कर्मियों को सूचना दी गई है।
1- मार्च्युरी हाउस के बाहर मृत वृद्ध के परिजन।
22- घर की ढही छत।
कॉलोनी की छत ढही, वृद्ध की मौत
चार साल से मिट्टी की छत के नीचे रह रहा था परिवार
निर्माण में पक्की छत बनाने को नहीं मिले थे रुपये