तांत्रिक के चक्कर में नहीं किया अंतिम संस्कार
बिंदकी। तांत्रिक के चक्कर में सर्पदंश से मरने वाले युवक का सप्ताहभर बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है।
अंधविश्वास में फंसे परिजन उसके जिंदा होने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी तरफ तांत्रिक अपने घर पर नहीं मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि वह युवक के परिजनों से पैसा एेंठ कर भाग निकला है।
कोरसम गांव निवासी गंगादीन प्रजापति का बेटा दिनेश कुमार (32) कबाड़ खरीदने का काम करता था। एक जून को कुल्हाड़ी खोजते समय सांप ने डंस लिया। ग्रामीणों के मुताबिक युवक को परिजन पहले बिंदकी सीएचसी और फिर कानपुर हैलट अस्पताल ले गए।
जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच किसी तांत्रिक ने रुपये लेकर युवक को जिंदा करने का दावा किया। यह भी भरोसा दिलाया कि अगर वह जीवित न कर सका तो बदले में डेढ़ लाख रुपये देगा।
अंधविश्वास के चक्कर में फंसे परिजन तांत्रिक को साथ लेकर गांव आए। तांत्रिक के कहने के अनुसार गंगादीन के घर के पास खेत में सात फीट गहरा गड्ढा खोदा गया। इसमें दिनेश के शरीर को रखवा दिया गया। गड्ढे में उसकी नाक से छूती एक नली बाहर करवा दी गई, जिससे सांस अंदर जा सके।
तांत्रिक गुरुवार को पूजा पाठ करने और युवक को शुक्रवार को जिंदा करने का दावा कर चला गया। ग्राम प्रधान सुनील सिंह के साथ परिवार के लोग तांत्रिक के घर पहुंचे तो वह वहां नहीं मिला। मृतक की बहन ने बताया कि रात तक तांत्रिक नहीं आता है तो शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
- युवक का शव रखा है गड्ढे में, घर पर नहीं मिला पैसा लेने वाला तांत्रिक