हुसैनगंज(फतेहपुर)। सड़क हादसे में एक ही कुनबे के सात लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन स्तर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने व ड्राइवर की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। हालांकि वे एक साथ सभी शवों को लेकर अंतिम क्रिया करने जा रहे थे। अचानक तय हुआ और शवों को सात मिल तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया गया। फतेहपुर, रायबरेली व लालगंज के मार्ग प्रभावित होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस से नोकझोंक भी हुई। बाद में एसडीएम के पांच बिंदु पर लिखित आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने ढाई घंटे बाद जाम हटाया। जाम हटने के बाद भी करीब दो घंटे तक यातायात अस्त-व्यस्त रहा।
हुसैनगंज थाने के गोपीपुर गांव निवासी राकेश पासवान की बेटी विमला की 25 फरवरी को हथगाम के औरंगाबाद गांव के धर्मपाल उर्फ धर्मेंद्र से शादी हुई थी। परिवार रविवार रात बोलेरो से बेटी को विदा कराकर लौट रहा था। हुसैनगंज थाने के बेला मोड़ पर बोलेरो अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में दुल्हन के चाचा रमेश कुमार, चचेरी बहनें आरती, सोनम, प्रिया, नेहा, रीना की मौके पर मौत हो गई थी। कानपुर हैलट में इलाज के दौरान सोमवार भोर रज्जू की बेटी ननकी उर्फ सीमा व माधुरी ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव मंगलवार सुबह परिजन व ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। अचानक ग्रामीण एकजुट हुए और शव लेकर रोड पर आए। इतने बड़े हादसे में प्रशासन से ठोस आश्वासन न मिलने, ड्राइवर की गलती के बाद भी गिरफ्तारी न होने की चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। वह बारह मील तिराहे पहुंचे। पहले तिराहे पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। ग्रामीणों ने शवों को लेकर सात मील तिराहा रायबरेली हाईवे पर पहुंच गए। दोपहर के करीब 12 बजे शवों को रोड पर रख दिया। यहां से रायबरेली के लालगंज व डलमऊ दोनों मार्ग पर आवाजाही रुक गई। रायबरेली और एनएच टू के हाईवे चौराहे तक यातायात बाधित हो गया। सीओ खागा अंशुमान मिश्र, सदर एसडीएम प्रहलाद सिंह व कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। परिजन डीएम व एसपी को बुलाने की मांग करने लगे।
एंबुलेंस, रोडवेज, स्कूल बस जाम में फंसी। पुलिस ने वाहनों को असनी के पास चंदीपुर चौराहे से भिटौरा रोड की तरफ डायवर्ट किया। इधर एनएच टू से लखनऊ बाईपास चौराहे से वाहनों को भिटौरा रोड की ओर मोड़ा जाने लगा। जिससे थोड़ी राहत मिली। सीओ व एसडीएम ने कई बार बातचीत का प्रयास किया। ग्रामीणों ने सुनवाई नहीं की। एएसपी पूजा यादव भी मौके पर पहुंची। काफी समझाने के बाद लिखित समझौते पर परिजनों को प्रशासन जाम हटाने के लिए तैयार कर सका। समझौते में एसडीएम ने मुख्यमंत्री कृषक योजना से पांच लाख मुआवजा, राष्ट्रीय परिवारिक लाभ योजना से नियमानुसार सहायता, विधवा पेंशन का लाभ, नाबालिग मृतकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख का मुआवजा दिलाने की संस्तुति की बात कही गई। पुलिस बल की मौजूदगी में गंगा घाट शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। ग्रामीणों की इस दौरान बोलेरो चालक की गिरफ्तारी, घायलों के इलाज में मदद कराने की भी बात भी कही। समझौते में पीड़ित परिवार के रज्जू, हीरालाल, दिनेश मौजूद रहे। परिजनों ने बताया कि शहर के एक नर्सिंग होम में घायल नेकराम का बेटा संदीप (18), जिला अस्पताल में बेटी पूनम( 9), खागा के नर्सिंग होम में रज्जू का बेटा अनुज (24) व जिला अस्पताल में काजल (9), इसी हादसे में बेटियों संग जान गवांने वाले रमेश की बेटी दिव्यांशी (12), शिवानी (16) जिला अस्पताल में भर्ती हैं। राकेश की बेटी प्रीती (8) जिला अस्पताल में है।
शव रखकर सात मिल तिराहा किया ढाई घंटे जाम
- सात मौत के बाद भी ठोस आश्वासन न मिलने से भड़के ग्रामीण
- एसडीएम ने पांच बिंदुओं पर दिया भरोसा, तब माने
- रायबरेली मार्ग व लालगंज मार्ग पर कई किमी लंबा जाम लगा