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पंजीकरण में ही दर्ज हो जाएगा गेहूं बेचने की लिमिट

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फतेहपुर। क्रय केंद्र में गेहूं बेचने वाले किसानों को फिर से पंजीकरण कराना होगा। पिछले साल गेहूं व धान का कराया पंजीकरण अब मान्य नहीं होगा। इस बार किसानों के पंजीकरण में क्षेत्रफल के आधार पर गेहूं बेचने की क्षमता भी दर्ज कर दी जाएगी। इससे ज्यादा मात्रा किसान नहीं बेच पाएंगे।
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शासन से गेहूं बिक्री करने वाले किसानों के लिए अलग से वेबसाइट बनाई गई है। इसके पंजीकरण में किसानों का क्षेत्रफल फीड करते ही गेहूं कितना खरीदा जाएगा, वह लिमिट दर्ज हो जाएगी। साथ में खेत के क्षेत्रफल में खतौनी का नंबर फीड करने पर खाता धारक का नाम आ जाएगा। गलत नाम का पंजीकरण नहीं होगा। बता दें कि शासन से गेहूं का समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ है। एक अपैल से किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। अभी तक चार संस्था के 37 क्रय केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव हुआ है। इसमें हाट शाखा के 14, पीसीएफ के 14, यूपी एग्रो के छह, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। पिछले साल गेहूं खरीदने के लिए 42 क्रय केंद्र बनाए गए थे। बाद में प्राइवेट समितियों ने भी समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू की थी। डिप्टी आरएमओ रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं खरीद की वेबसाइट अभी खुली नहीं है। अगले सप्ताह तक वेबसाइट खुलने की उम्मीद है। जिन किसानों को क्रय केंद्र में गेहूं बेचना है, उनको नया पंजीकरण कराना होगा। शासन से गेहूं खरीद का लक्ष्य अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए अभी और क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। संस्थाओं से प्रस्ताव देने के लिए कहा गया है।
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पंजीकरण मेें ही दर्ज हो जाएगी गेहूं बेचने की लिमिट
- अब गेहूं की बिक्री में नए पंजीकरण होंगे मान्य
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