अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में बैठने की व्यवस्था में बदलाव से इस बार करीब बारह केंद्र बढ़ सकते हैं। सिर्फ पांच-छह परीक्षा केंद्र ऐसे होंगे, जिनमें पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने केंद्रों का सत्यापन कराने के बाद सभी 380 स्कूलों की पत्रावली सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेज दी है। सचिव ही बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करेंगे।
परिषद ने बोर्ड परीक्षा के मानकों में बदलाव किया है। इसके तहत एक परीक्षार्थी के बैठने के लिए 20 वर्ग फ ीट का स्थान आवंटित होगा। इससे एक परीक्षा कक्ष में सिर्फ 24 परीक्षार्थी ही बैठ सकेंगे। पिछले सालों में एक कक्ष में 40 परीक्षार्थियों के बैठाने का मानक था। इस मानक का पालन हुआ तो जिले सिर्फ छह माध्यमिक स्कूल ही पांच सौ या इससे अधिक धारण क्षमता के परीक्षा केंद्र बन पाएंगे। वहीं परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में जिले के 28 माध्यमिक स्कूलों ने सहयोग नहीं किया है। इन स्कूलों ने परिषद से मांगे गए डाटा अपलोड नहीं किए।
ऐसे में डीआईओएस ने पिछले साल का डाटा शामिल कर परिषद को रिपोर्ट भेजी है। इन स्कूलों को परीक्षा केंद्र न बनाने की संस्तुति भी प्रेषित की गई है। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बोर्ड ने मानक के अनुरूप कक्षाकक्ष वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र का मानक तय किया है। पिछले सालों में लैब कक्षों में भी परीक्षा करा दी जाती थी। सत्यापन में कक्षाकक्षों की संख्या से लैब हटा दी गईं। जिन स्कूलों ने केंद्र निर्धारण के लिए ऑनलाइन डाटा अपलोड नहीं किया, उन्हें परीक्षा केंद्र न बनाने के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को लिखा गया है।
बोर्ड परीक्षा में बढ़ सकते हैं 12 केंद्र
सत्यापन के बाद 380 स्कूलों की पत्रावली सचिव को भेजी