अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक पर रोक के फैसले के बाद जिले में फोन से तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। बंगलूरू से आई महिला नेमंगलवार को सदर कोतवाली में हाजिर होकर अपनी व्यथा सुनाई। उसने बंगलूरू पुलिस से शिकायत की थी, जिसके संपर्क करने पर फतेहपुर पुलिस ने उसे बुलया था। फिलहाल पुलिस दोनों के बीच समझौते का प्रयास कर रही है।
शहर कोतवाली के अंदौली गांव निवासी इसहार कई साल से मुंबई में सिलाई की दुकान पर काम करता है। उसकी शादी बंगलूरू के राममूर्तिनगर थाना क्षेत्र की यासमीन से हुई थी। यासमीन तब अपने परिवार के साथ मुंबई में ही रहती थी। मुंबई में रहते हुए ही करीब छह साल पहले इसहार से उसकी मुलाकात हुई और दोनों प्रेम की डोर से बंध गए थे। शादी के बाद उन्हें एक बेटा (5) और बेटी (3) हुए।
यासमीन (30) के मुताबिक कुछ महीने से इसहार (35) ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी और शादी से संबंधित सारे कागजात लेकरअपने घर फतेहपुर चला आया था। फिर उसने 12 मार्च को मोबाइल पर उसे तलाक दे दिया। उसके तलाक कबूल न करने पर व्हाट्सएप पर मैसेज डाले। यासमीन का आरोप है कि इसहार उसे धमकी देकर प्रताड़ित करने लगा था। एक हफ्ते पहले ही वह बंगलूरू मिलने के बहाने पहुंचा। घर से बेटे को बहाने से लेकर भाग आया।
कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि महिला ने तलाक और बेटे के बारे में राममूर्तिनगर थाना पुलिस को बताया। बंगलूरू पुलिस ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद महिला को बुलाया गया। इसहार को भी बुलाया गया। देर रात तक दोनों के बीच समझौते की बात चल रही थी।