अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। हसवा ब्लाक प्रमुख के लिए अब उपचुनाव होगा। जब तक चुनाव नहीं हो जाता है, तब तक यह सीट प्रशासक के हवाले रहेगी। यह नौबत ब्लाक प्रमुख के निधन से आई है। छुट्टियां पड़ने से प्रशासन ने रिक्त सीट की जानकारी अभी तक चुनाव आयोग को नहीं भेजी है। इसी सप्ताह आयोग को यह सूचना भेज दी जाएगी।
हसवा ब्लाक प्रमुख अमित लोधी के खिलाफ चार अक्तूबर को पूर्व प्रमुख इंद्रसेन यादव खेमा की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था। इसका नेतृत्व पूर्व प्रमुख के भाई सुरेंद्र सिंह ने किया था। जिस वक्त यह सियासी भूचाल आया, उस वक्त ब्लाक प्रमुख किडनी की बीमारी के चलते गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती थे।
प्रमुख के विरोधी खेमे ने 98 सदस्यीय क्षेत्र पंचायत के 70 सदस्य होने का दावा किया था। डीएम कुमार प्रशांत ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वालों की परेड कराई। 16 अक्तूबर को ब्लाक प्रमुख अमित लोधी के भाई व पूर्व विधायक आनंद लोधी ने अपने साथ 31 बीडीसी लेकर दावा पेश किया। ये बीडीसी सदस्य वे ही थे, जो दूसरे खेमे से दिखाए गए थे। इसी दिन ब्लाक प्रमुख का निधन हो गया।
इस कारण अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर विराम लग गया। डीएम कुमार प्रशांत ने बताया कि हसवा ब्लाक प्रमुख के निधन से रिक्त हुई सीट की सूचना त्योहारी छुट्टियों की वजह से चुनाव आयोग को नहीं भेजी जा सकी है। रिक्त सीट पर उपचुनाव कराने के लिए प्रशासन के पास छह महीने का वक्त होता है। प्रयास तो यही होगा कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है, प्रशासक को ब्लाक की गतिविधियां संचालन का जिम्मा दिया जाएगा।
हसवा ब्लाक प्रमुख की सीट प्रशासक के हवाले
अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के दौरान प्रमुख के निधन से खाली हुई सीट
इसी सप्ताह चुनाव आयोग को रिक्त सीट की जानकारी भेजेगा प्रशासन