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दहेज हत्या में पति को नौ साल की कैद

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फतेहपुर। दहेज हत्या के मामले में जनपद न्यायाधीश ओपी त्रिपाठी की अदालत ने मृतका के पति को नौ साल कैद की सजा सुनाई है। हालांकि इसी मामले में आरोपी रहे मृतका के जेठ-जेठानी को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। प्रकरण न्यायालय में चार सालों से विचाराधीन था।
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चांदपुर थानाक्षेत्र के बुदंडा गांव के रामशंकर ने अपनी बेटी रामलली की शादी अप्रैल 2006 में मकरंदपुर गांव के गंगाधर तिवारी के बेटे झल्लू उर्फ शिवचंद्र से की थी। शादी के बाद से ही झल्लू रामलली पर मायके पक्ष से एक लाख रुपए लाने का दबाव बनाने लगा। 23 मार्च 2012 को रामलली की ससुराल में जलकर मौत हो गई। इसके बाद मृतका रामलली के पिता रामशंकर ने दामाद झल्लू उर्फ शिवचंद्र, जेठ कल्लू उर्फ ईश्वरचंद्र और जेठानी बबली उर्फ शांती देवी के विरुद्घ चांदपुर थाने में 24 मार्च 2012 को दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचक ने चार्जशीट से जेठ-जेठानी का नाम बाहर कर दिया था। बाद में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने फिर से जेठ-जेठानी को तलब कर लिया। जिला जज की अदालत में जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने साक्ष्य और गवाहों को पेश किया। जबकि मुल्जिमों की ओर से अधिवक्ता अर्जुन सिंह पैरवी कर रहे थे।
सोमवार को प्रकरण की सुनवाई के दौरान जिला जज ओपी त्रिपाठी ने मृतका के पति झल्लू उर्फ शिवचंद्र को नौ वर्ष के कारावास और छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड का भुगतान वादी को किए जाने का आदेश दिया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर मुल्जिम को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। हालांकि अदालत ने इसी मामले के आरोपी रहे मृतका के जेठ कल्लू उर्फ ईश्वर चंद्र और जेठानी बबली उर्फ शांती देवी को दोषमुक्त कर दिया है।
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