फतेहपुर। जिला बार एसोसिएशन के लिए नामांकन शुरू हो गया है। शुक्रवार को 10 अधिवक्ताओं ने नामांकन कराया है। आज शनिवार को भी नामांकन होगा। 17 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 18 नवंबर को नाम वापसी ले सकेंगें। इसके बाद 28 नवंबर को मतदान और 29 नवंबर को मतगणना के बाद एसोसिएशन को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।
बार एसोसिएशन चुनाव के लिए चार संगठनों से तकरीबन 100 अधिवक्ता मैदान में हैं। इसमें आदर्श अधिवक्ता संघ से अध्यक्ष पद के लिए मणि प्रकाश दुबे व महामंत्री/सचिव पद के लिए इंद्र कुमार चौहान उम्मीदवार हैं। सर्वसमाज संघ से अध्यक्ष पद के लिए जगदीश गुप्ता व महामंत्री पद के लिए इंद्रजीत सिंह यादव प्रत्याशी हैं।
व्यवस्था परिवर्तन से अध्यक्ष पद के लिए सुरेश यादव और महामंत्री पद के लिए श्रीराम पटेल खड़े हैं। आदर्श संघ से टूटकर बने एक अन्य संगठन से अध्यक्ष पद के लिए गया प्रसाद दुबे और सचिव पद के लिए जितेंद्र गौतम मैदान में हैं। इसी तरह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष समेत कुल 23 पदों के लिए सौ से ज्यादा उम्मीदवार हैं।
गुरुवार को अध्यक्ष पद के लिए जगदीश प्रसाद गुप्ता व गया प्रसाद दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए शशिकांत वर्मा, उपाध्यक्ष के लिए राजेश कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए मजहर हुसैन व संदीप, संयुक्त सचिव प्रशासन के लिए सतीश शर्मा, वरिष्ठ कार्यकारिणी के लिए कंचन सिंह और महामंत्री पद के लिए अजीत कुमार शर्मा व इंद्रजीत सिंह यादव समेत कुल 10 लोगों ने नामांकन भरा है। उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील उमराव समेत सहायक चुनाव अधिकारी महेंद्र परिहार, विनय मिश्रा व अनिल श्रीवास्तव के समक्ष नामांकन दाखिल किया है।
चुनाव लड़ने की योग्यता
1. उम्मीदवार के पास सीओपी यानी सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिसिंग होना चाहिए।
2. अध्यक्ष पद के लिए 25 साल वकालत पूरा कर चुके अधिवक्ता योग्य होंगे।
3. वरिष्ठ उपाध्यक्ष व सदस्य के पास कम से कम 20 साल वकालत का अनुभव होना चाहिए।
4. महामंत्री/सचिव पद के लिए 15 साल का अनुभव जरूरी है।
5. उपाध्यक्ष 10 साल और कनिष्ठ उपाध्यक्ष 2 से 10 साल का अनुभवी होना चाहिए।
-यह हैं चुनावी मुद्दे
बार एसोसिएशन के चुनाव में मुख्य रूप से साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, बिजली और पानी की व्यवस्था का मुद्दा हावी है। इसके अलावा गंभीर बीमारियों में वकीलों के इलाज में मदद और मृत्यु की स्थिति में परिवार को मदद भी प्रमुख मुद्दा है।
अधिवक्ता विनोद सेंगर ने बताया कि अभी कोई खास काम नहीं हुए। कचहरी परिसर से लेकर यहां के शौचालयों में साफ-सफाई की दिक्कत है। किसी के इलाज में मदद नहीं की गई। ज्यादातर पैसा अधिकारियों के आवभगत में खर्च किया गया।
अधिवक्ता विजय पाल ने कहा कि कचहरी में वकीलों के बैठने की व्यवस्था ठीक की जानी चाहिए। साफ-सफाई और बिजली और पानी का समुचित इंतजाम होना चाहिए। भावी अध्यक्ष से हम यही मांग करेंगे।