शहर के लोगों को जाम आदि से निजात दिलाने के लिए पटरी दुकानदारों का पं. दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत डूडा में पंजीकरण शुरू हो गया है। इसके बाद सभी का बायोमीट्रिक कार्ड बनाया जाएगा।
शहर में सर्वे होने के बाद निश्चित स्थान पर ही पटरी दुकानदारों को दुकानें लगाने की स्वीकृति दी जाएगी। सर्वे के लिए नामित संस्था अभी तक 1137 लोगों का पंजीकरण ही कर सकी है। शासन के निर्देश पर जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) नगर पालिका क्षेत्र में सड़क किनारे पटरियों पर दुकान सजाने वाले दुकानदारों का पंजीकरण कर रहा है।
सर्वे में वेंडिंग व नॉन वेंडिंग जोन तय किया जाएगा। पंजीकरण कराने वाले पथ विक्रेताओं के वेंडिंग प्रमाण पत्र देने के साथ बायोमीट्रिक आईकार्ड मिलेगा। यह आईकार्ड आधार नंबर से लिंक होगा और उस पर मोबाइल नं. दर्ज होगा। शासन स्तर से इसके लिए कानपुर की संस्था प्रनव जीआईएस प्राइवेट लिमिटेड को नामित किया गया है। अभी तक यह संस्था 1137 लोगों का ही पंजीकरण कर सकी है।
चिह्नित स्थानों पर ही खड़ी होंगी ठेली
पंजीकरण होने के बाद बायोमेट्रिक कार्ड बनेंगे। इसी दौरान नगर पालिका अपने क्षेत्र में स्थानों का चयन कर लेगी। चयनित स्थानों पर ही फड़, ठेली-खोमचे वालों को खड़ा होना अधिकृत होगा। यदि यह योजना परवान चढ़ती है, तो शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।
डूडा कार्यालय में पंजीकरण शिविर कल
डूडा के परियोजना अधिकारी जय विजय सिंह ने बताया कि जिन ठेली-खोमचे वालों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो सका है, वह 23 अक्तूबर को कार्यालय में लगने वाले शिविर में आधार कार्ड, मोबाइल नंबर लेकर पहुंचें। यह अंतिम मौका है। पंजीकरण कराने के बाद संस्था की ओर से कार्ड बनाए जाएंगे।