बढ़पुर स्थित एक गेस्ट हाउस में काव्य पाठ करती शबीना अदीब। संवाद
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फर्रुखाबाद। ‘फूल मुरझाता है, सुगंध नहीं, आप तो खुशबुओं का दरिया हैं, मौत ने आपके बदन को छुआ, आप लोगों के दिल में जिंदा हैं’। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को समर्पित कवयित्री शबीना अदीब इन पंक्तियों को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। मौका था श्रीराम सेवा मिशन की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति में आयोजित काव्यांजलि समारोह का। कवियों-कवयित्रियों ने अटलजी को समर्पित कविताएं पढ़ीं।
शहर के बढ़पुर स्थित गेस्ट हाउस में शुक्रवार रात समारोह की अध्यक्षता कर रहे रमेश अवस्थी, भाष्कर दत्त द्विवेदी व कवियों ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। लखनऊ की कवयित्री कविता तिवारी ने ‘मनुजता पल्लवित पोषित सृजित परिणाम कविता है, धरा को धाम करने में परम निष्काम कविता है’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। शबीना अदीब ने अटल बिहारी को समर्पित कविता पढ़ी। कहा ‘फूल मुरझाता है सुगंध नहीं, आप तो खुशबुओं की दरिया हैं, मौत ने आपके बदन को छुआ, आप लोगों के दिल में जिंदा हैं’।
इसी क्रम में कवयित्री शुभी सक्सेना ने भी रचना से पूर्व प्रधानमंत्री को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। एलेश अवस्थी ने सुनाया कि ‘रोई है हूक भरके मां-बेटे से चिपट कर, आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपट कर ’। इस पर श्रोता भावुक हो गए।
कुशल कुशवाह ने बहुत अनमोल दौलत है दुआ ले लो बुजुर्गों की सुनाया। इसके अलावा डॉ. अरुण उपाध्याय ने भी कविता पाठ किया। इस मौके पर सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, अनीता द्विवेदी, वीरेंद्र सिंह राठौर, संजय गर्ग के अलावा डीएम और एसपी भी मौजूद रहे। संचालन सतीश मधूप ने किया।