फर्रुखाबाद। ब्लाॅक राजेपुर व नवाबगंज क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों की रिपोर्ट गलत पोर्टल पर दर्ज करा दी गई। यूनिसेफ की जांच में दोनों ब्लाॅकों में बालिका शौचालयों की संख्या दर्ज की गई रिपोर्ट से कम पाई गई। अब फर्जी रिपोर्ट भेजने पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बीएसए को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
शासन ने आदेश दिए थे कि प्रदेश के सभी जनपदों में चयनित आकांक्षात्मक ब्लाॅकों के स्कूलों में बालिका शौचालयों का अगस्त व सितंबर माह में निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करें। जनपद के आकांक्षात्मक ब्लाॅक राजेपुर व नवाबगंज के स्कूलों में शत-प्रतिशत बालिका शौचालयों की रिपोर्ट पोर्टल पर भरकर भेज दी गई।
यूनिसेफ ने दोनों ब्लाॅकों की जांच की तो ब्लाॅक राजेपुर में छह व ब्लाॅक नवाबगंज में 11 विद्यालयों में बालिका शौचालय निष्प्रयोज्य व जर्जर पाए गए। इनमें कुछ स्कूलों में बालिका शौचालय बहुत पहले बनाए गए थे, तो कुछ विगत वर्षों में बने थे।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी फर्रुखाबाद से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है। यह तो आकांक्षात्मक ब्लाॅकों के बालिका शौचालयों की भेजी गई रिपोर्ट है। अगर जनपद में सही से स्कूलों के शौचालय व अन्य निर्माण कार्यों की जांच करवाई जाए तो काफी खामियां निकलकर आएंगी।
केस-एक
ब्लाॅक राजेपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शेराखार में बालिका शौचालय निष्प्रयोज्य पड़ा है। शौचालय के गेट व सीट टूटी हैं। बालिका मूत्रालय में भी सीट नहीं है। प्रधानाध्यापक निहारिका राठौर ने बताया कि कई दिनों से बालिका शौचालय निष्प्रयोज्य पड़ा है।
केस-दो
उच्च प्राथमिक विद्यालय निबिया ब्लाॅक राजेपुर का शौचालय लगभग डेढ़ साल से जर्जर अवस्था में बंद पड़ा है। शौचालय का टैंक मिट्टी में दबा है। सीट आदि भी ठीक नहीं हैं। प्रधानाध्यापक संध्या शुक्ला ने बताया कि छात्राएं प्राथमिक विद्यालय निबिया शौच करने जाती हैं।
बोले जिम्मेदार
‘बालिका शौचालय की गलत रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर दर्ज किए जाने की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जल्द ही वह महानिदेशक स्कूल शिक्षा को स्पष्टीकरण भेज देंगे।’
- गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, फर्रुखाबाद