मोहल्ला रकाबगंज की मस्जिद काजी साहब में हुई सीरत कमेटी की बैठक में
जुलूस-ए-मोहम्मदी की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें सदस्यों ने निपटाए
गए कार्यों का ब्यौरा पेश किया। साथ ही सुझाव भी दिए। बताया गया यौम-ए-नवी
(हजरत मोहम्मद साहब) पर इबादतगाहें सजेंगी और जुलूस निकाला जाएगा।
शुक्रवार
को हुई सीरत कमेटी की बैठक में सदस्यों ने जुलूस की तैयारियों की अब तक
निपटी कारगुजारियों का ब्यौरा दिया। अध्यक्ष शाह फसीह मुजीबी ने कहा कि
यौम-ए-नवी पर परंपरानुसार जुलूस-ए-मोहम्मदी मुख्य मार्गों से निकाला जाएगा
और घुमना स्थित अंजुमन में जलसा होगा।
इसमें इस बार बदायूं के मौलाना यासीन
अली उस्मानी मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा कई शायरों ने इसमें आने की
मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को जो जिम्मेदारियां दी गई
हैं,वह बखूबी उसे निभाएं।
सेक्रेटरी नफीस अहमद खां ने कहा कि सजावट के
ठेके दिए गए हैं। सदस्यों ने जुलूस में रौनक बिखेरने के लिए जो संकल्प लिया
है उसको पूरा किया जाए। संरक्षक हाजी शराफत खां भोले, काजी मुताहिर अली और
इंतिजार अली ने कहा कि जुलूस की निस्बत पैगंबर-ए-इस्लाम से जुड़ी हुई है।
इसलिए उसको बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। जुलूस का मकसद समाज में
भाईचारे का पैगाम देना है। हसीन बेग और जुबैर अंसारी ने भी सुझाव दिए।
इस
अवसर पर आजाद खां, खुर्शीद अहमद, रफी अहमद, फैसल रईस, नवी शेर, इरशाद
अंसारी, रईस इदरीसी, साजिद अली, हाजी दिलशाद खां, हाफिज निसार और इशरत मीर
खां आदि मौजूद रहे।