गांवों में विकास कार्य प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी कागजों पर ही करा रहे हैं। इसका नजारा विकासखंड क्षेत्र के गांव अहमदपुर देवरिया में देखने को मिल रहा है।
यहां आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना में प्रधान और सेक्रेटरी ने शौचालय, खड़ंजा व नाली का निर्माण कार्य दिखा दिया। लेकिन जब मौके पर पड़ताल कराई गई तो न तो ग्रामीणों के यहां शौचालय बने थे और न ही खड़ंजा व नाली।
गांव अहमदपुर देवरिया के उपेंद्र सिंह ने ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान से शौचालय, खड़ंजा व नाली बनवाए जाने की जानकारी मांगी थी। जवाब में प्रधान और सेक्रेटरी ने 26 ग्रामीणों के यहां शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण होना दिखाया।
इसके साथ ही कोटेदार के घर से महेश के दरवाजे तक 200 मीटर नाली व खड़ंजा का कार्य पूर्ण दर्शाया। उपेंद्र सिंह ने जब मौके पर जाकर जांच की तो न तो ग्रामीणों के यहां शौचालय बने थे और न ही नाली व खड़ंजा।
गांव के नन्हें, भीखम, गुलाब, भगवानदास, अखिलेश कुमार, मातादीन, दाताराम, सोनेलाल, हबीब, अलीदराज, ज्वाला सिंह, चमन खां, रामसिंह, सत्यपाल, बल्लू, अनिल कुमार, महिपाल सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि उनके यहां शौचालय नहीं बने हैं।
शौचालय बनने के लिए आई निर्माण सामग्री व अन्य सामान प्रधान के घर पर रखा है। खड़ंजा व नाली भी नहीं बनवाई गई है। उपेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर इस मामले में प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की शिकायत की है।
इस संबंध में प्रधान शहजादे ने बताया कि ग्रामीणों ने शौचालय लेने से इनकार कर दिया। शौचालय बने होने की रिपोर्ट भेजे जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रधान ने मामला सेक्रेटरी के ऊपर डालकर पल्ला झाड़ लिया। इस संबंध में बीडीओ राजाराम ने बताया कि उन्होंने अभी चार्ज संभाला है। मामले की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी।