फर्रुखाबाद। प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बुधवार को लोहिया अस्पताल के निरीक्षण में खामियां मिलीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए जल्द सुधार करने के आदेश दिए। एक डॉक्टर व एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई व जननी सुरक्षा योजना की जांच के आदेश दिए। बाद में प्रमुख सचिव ने बताया कि महिला अस्पताल का हाल बहुत खराब है। पुरुष अस्पताल में भी कुछ खामियां मिलीं, उन्हे दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार की सुबह 9:50 बजे प्रमुख सचिव लोहिया की ओपीडी में पहुंचे। उनके साथ में डीएम रविंद्र कुमार, एसपी दयानंद मिश्र, सीएमओ डॉक्टर उमाकांत पांडेय व अन्य अफसर मौजूद थे। आपातकालीन कक्ष में डॉ. ब्रजेश सिंह से आक्सीजन गैस सिलेंडर के बारे मेें जानकारी ली। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र कक्ष में कर्मचारी सौरभ मिश्रा नहीं था।
कक्ष बंद देखकर सीएमओ की क्लास लगाई। वार्ड में मरीजों और तीमारदारों से दवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की वसूली के बारे में पूछताछ की। महिला अस्पताल के लेबर रूम में भर्ती कुछ मरीजों ने जननी सुरक्षा योजना के तहत धनराशि समय से न मिलने की शिकायत की। इस पर उन्होंने महिला सीएमएस डॉक्टर अखिलेश अग्रवाल से जवाब तलब किया। रिकार्ड रजिस्टर देखने पर पता चला कि कई महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला।
प्रमुख सचिव ने डीएम को इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। उस समय तक ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर नहीं आई थी। सीएमएस के फोन करने पर डॉक्टर पूनम शर्मा वहां पर पहुंची। एसडीएम सदर अजीत कुमार को दो हफ्ते बाद यहां आकर जांच करने के निर्देश दिए। ओपीडी में फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार से मरीजों की संख्या के बारे में पूछा। इस बीच एक मरीज ने शिकायत की कि सर्जन जीपी सचान समय से नहीं बैठते हैं। वह कई दिनों से चक्कर लगा रहा है। सचिव ने डॉक्टर की क्लास लगाई। उस समय डॉक्टर च्यूइंगम खा रहे थे। यह देख डीएम भी नाराज हो गए और सीएमएस से डॉक्टर सचान के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। दवा काउंटर पर नोटिस बोर्ड में सही ब्यौरा दर्ज न देख नाराजगी जताई।
अधिकारी ढुलमुल रवैया छोड़ें, ठीक से करें काम
फर्रुखाबाद। खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में अफसरों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। धीमी गति देखकर उन्होंने अफसरों के पेंच कसे। उन्होंने अफसरों से ढुलमुल रवैया छोड़ने व कार्यशैली में सुधार लाने को कहा। एक माह का समय देते हुए कहा कि ऐसा न होने पर अधिकारी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। शहर की सफाई व्यवस्था और जर्जर बिजली तारों पर प्रमुख सचिव ने एक्सईएन विद्युत और ईओ नगर पालिका से नाराजगी जताई।
प्रमुख सचिव ने शहरी व ग्रामीण इलाकों को रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति न होने, शहरी इलाकों व कसबों में गंदगी, स्कूलों में ड्रेस व नि:शुल्क पुस्तक वितरण समय से न करने, बिना पंजीकरण के सड़क पर टेंपो चलने, बैनामों की रजिस्ट्री कम होने, व्यापारियों का जीएसटी में पंजीकरण व अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा न कसने जैसी स्थितियों पर नाराजगी जताई।
विद्युत एक्सईएन पंकज अग्रवाल सिस्टम कंट्रोल अधिकारी का नाम तक नहीं बता पाए। शहरी क्षेत्र में शौचालय निर्माण की प्रगति खराब होने पर प्रमुख सचिव ने ईओ नगर पालिका को फटकार लगाई। प्रमुख सचिव ने कहा कि वह प्रत्येक माह आकर जिले का निरीक्षण करने के साथ समीक्षा करेंगे। अगर काम में गड़बड़ी मिली तो अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डीएम रविंद्र कुमार, सीडीओ अविनाश कुमार, एसपी दयानंद मिश्रा समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।