महिला की मौत, दुष्कर्म का आरोप
फर्रुखाबाद। कंपिल थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय एक महिला की गुरुवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। मृतका की मां ने आरोप लगाया कि बेटी को नशीला पदार्थ खिलाकर अगवा करने के बाद दिल्ली ले जाकर दुष्कर्म किया गया। पुलिस से शिकायत करने पर आरोपी बेहोशी की हालत में उसे मायके छोड़ गए थे। महिला को गुरुवार देर रात लोहिया अस्पताल लाया गया था। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर रात मां ने बेटी के पति, देवर, ममिया ससुर के बेटे समेत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मृतका की मां ने बताया कि बेटी अपने ताऊ की होली उठाने घर (मायके) आई थी। यहां से मामा की बेटी के साथ नानी की होली उठाने अमृतपुर थाने के एक गांव गई थी। पति की तबियत खराब होने की बात सुनकर ससुराल जाने के लिए वह मंगलवार को मामा के बेटे के साथ मायके लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में ममिया ससुर का बेटा बाइक से मिला।
बेटी को वह अपने साथ ले गया। उसके साथ उसका देवर भी था। दोनों उसे दिल्ली ले गए। बुधवार को दामाद से फोन करके बेटी के पहुंचने के बारे में पूछा, तो उसने इनकार कर दिया। इससे वह घबरा गई। बुधवार सुबह बेटी ने फोन करके खुद के दिल्ली में होने की बात कही। बेटी ने उसे बताया कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया है।
मां के मुताबिक यह जानकारी मिलते ही थाने में शिकायत की। इस पर आरोपी रिश्तेदार बुधवार देर रात बेटी को बेहोशी की हालत में घर छोड़ गए। गुरुवार सुबह की हालत बिगड़ी तो उसे थाने ले गई, मगर एक घंटे तक सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद बेटी को सीएचसी कायमगंज में भर्ती कराया।
हालत गंभीर होने पर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉ. रिषिकांत वर्मा ने बेटी को मृत घोषित कर दिया गया। कंपिल एसओ जेपी यादव ने बताया कि मां की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर रही आरोपियों का बचाव
मामले में पुलिस ने मृतका की ओर से दिया गया एक पत्र दिखाया है। उसमें लिखा कि मैं मामा के गांव से ससुराल जा रही थी। भूलवश दिल्ली चली गई। उसके साथ अश्वनी (ममिया ससुर का बेटा) भी था। मैं आज थाने आई हूं। मां के साथ जाना चाहती हूं। पत्र में अच्छी राइटिंग में किए गए महिला के हस्ताक्षर हैं। इस बारे में मां का कहना है कि बेटी कक्षा सात तक पढ़ी थी और हिंदी भी सही से लिखना नहीं जानती थी। फर्जी पत्र लिखवाकर पुलिस आरोपियों को बचाना चाहती है।