आग लगने के बाद मौके पर खड़े पुलिस कर्मी व अन्य।
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सिलिंडर में आग लगने से महिला व दो बच्चे झुलसे
फर्रुखाबाद। एक महिला पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि अब वह जीवन-मौत के बीच जूझ रही है। 15 दिन पहले महिला के पति की मृत्यु हो गई थी। सोमवार को घर में खाना बनाते वक्त सिलिंडर में आग लगने से दो मासूम बच्चों के साथ वह झुलस गई। इलाज मोहल्ले के लोगों ने चंदा करके शुरू करा दिया है।
घोड़ा नखास निवासी नीरज राठौर की 15 दिन पहले मृत्यु हो गई थी। पत्नी सविता (28) सोमवार तीन बजे घर में खाना बना रही थीं। अचानक सिलिंडर से गैस लीक होने लगी। उसमें आग लग गई। महिला के कपड़े जलने लगे। वह चिल्लाई, तो घर में मौजूद आठ साल के पुत्र आकाश और डेढ़ साल की पुत्री दीपांशी उस ओर पहुंच गईं। बच्चे भी आग से झुलस गए।
सूचना पर चौकी इंचार्ज बलराज भाटी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और झुलसी महिला, बच्चों को आग बुझाकर निजी अस्पताल भेजा। सिलिंडर को गली में फेंक दिया और सबमर्सिबल चलवाकर आग बुझा दी। मोहल्ले में करीब एक घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
महिला 50 प्रतिशत झुलसी बताई जा रही है, जबकि बच्चों के हाथ व पैर झुलसे हैं। महिला की गरीबी के चलते मोहल्ले के लोगों ने चंदा कर रुपये जुटाए हैं। उसी से निजी अस्पताल में मां, बेटा और बेटी का इलाज कराया जा रहा है।