कमालगंज। कृषि उत्पादन मंडी समिति कमालगंज में मंगलवार को आलू में 28 रुपये क्विंटल की और गिरावट आ गई। 422 रुपये से लेकर 542 रुपये क्विंटल के हिसाब से बिक्री हुई। बिहार व पूर्वांचल के जिलों में वहां की फसल का आलू बाजार में आ जाने से फर्रुखाबादी आलू का भाव गिर गया।
कमालगंज में 31 दिसंबर को आलू मंडी शुरू होने पर दो दिन भाव चढ़ने के बाद पांच दिन से बराबर भाव गिर रहा है। मंगलवार को 211 से 271 रुपये पैकेट (50 किलो) आलू बिका। एक क्विंटल में दो पैकेट होने से 422 रुपये से 542 रुपये क्विंटल का भाव किसानों को मिला। जबकि एक क्विंटल में 52 रुपये के दो खाली बोरे की कीमत जोड़ी जाए तो किसानों को केवल 370 रुपये से लेकर 490 रुपये क्विंटल का भाव ही मिल पाया।
आलू व्यापारी अफसीर का कहना है कि सितंबर में बिहार व पूर्वांचल के व्यापारी फर्रुखाबाद से गोल साइज का बीजा ले गए थे। व्यापारियों ने वहां के किसानों को बीजा बेच दिया था। अब उसी बीजा की फसल वहां तैयार हो गई है। बिहार में वहां का स्थानीय खेतों का आलू 650 से 700 रुपये क्विंटल बिक रहा है। फर्रुखाबाद से बिहार का भाड़ा खर्चा 200 रुपये क्विंटल है। इस तरह यहां 450 से 500 रुपये क्विंटल में ही व्यापारी माल खरीद पा रहे हैं। वहीं, पूर्वांचल में वहां के आलू का भाव 500 से 600 रुपये क्विंटल है। वहां का भाड़ा 135 से 150 रुपये क्विंटल है।
मंदी से किसानों से कम कर दी खोदाई, 50 प्रतिशत रह गई आमद
- मंदी के कारण किसानों ने आलू की खोदाई कम कर दी है। मंगलवार को मंडी में आलू की आमद 50 प्रतिशत ही रह गई। सात से आठ हजार पैकेट आलू आया। बलीपुर के किसान बृजेश ने बताया कि उनका आलू सुपर क्वालिटी का था। इससे मुस्ताक की आढ़त पर 283 रुपये पैकेट का भाव मिल गया। घाटे को देखते हुए अब उन्होंने दूसरे खेतों की खोदाई रोक दी है।