जनपद फिरोजाबाद के कस्बा शिकोहाबाद निवासी सुनीता सिंह अपनी बेटी मान्या सिंह के साथ कलक्ट्रेट पहुंची। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह से शिकायत की कि नगरपालिका में तैनात उसका पति मुख्य सफाई निरीक्षक बृजेंद्र सिंह का चरित्र सही नहीं है। वह कई महिलाओं को अलग-अलग मकान दिलवाकर रह रहा है जबकि अपने बच्चों पर ध्यान न देकर कई बार धमकी दे चुका है।
उसकी बेटी मान्या आगे पढ़ना चाहती है। आय का साधन न होने और पति द्वारा खर्च न दिए जाने से बेटी का भविष्य अंधकार में है। पति को एक लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलने के बावजूद बच्चों की देखभाल नहीं करता और वह आशिक मिजाज है। अधिकारियों से शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती और पति उसे जान से मारने की धमकी देता है। उन्होंने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुनीता सिंह ने बताया कि जब उसकी शादी हुई थी तब वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी। उसी आय से उसने पति को पढ़ाया और नौकरी की तैयारी कराई। शादी के करीब 10 साल बाद पति की मुख्य सफाई निरीक्षक पद पर नौकरी लगी तो उसकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी भी छुड़वा दी। उसने पति का आधा वेतन दिलाने की मांग की है।
मुख्य सफाई निरीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि पत्नी के आरोप निराधार हैं। अभी तक वह खर्च के लिए 11 हजार रुपये दे रहे थे। न्यायालय के आदेश के बाद अब 10 हजार रुपये महीने गुजारा-भत्ता दिया जाएगा। पत्नी बच्चों के साथ उसके तीन मंजिला मकान में रह रही है। पत्नी उनके खिलाफ पहले झूठी शिकायत कर चुकी है। इससे उन्होंने भी डीएम व एसपी को प्रार्थनापत्र दिया है।