चीनी मिल के किसान भवन में किसानों के ठहरने के लिए पड़े गद्दे।
- फोटो : चीनी मिल के किसान भवन में किसानों के ठहरने के लिए पड़े गद्दे।
कायमगंज। चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान सर्द रातों में ट्रैक्टर ट्राॅली के नीचे लेटकर रात काटने को मजबूर थे। अब जब सर्दी जाने को है मिल प्रशासन का ध्यान किसानों की समस्या पर गया है। किसानों की समस्या पर खबर प्रकाशित होने के बाद मिल प्रशासन ने किसान भवन में बिजली पानी व गद्दे रजाई की व्यवस्था कराई है।
पूर्व में चीनी मिल में गन्ना लाने वाले किसानों के लिए रात को ठहरने का उचित प्रबंध नहीं था।इससे किसान गन्ना यार्ड में ट्रैक्टर ट्राली के नीचे लेटकर रात बिता रहे थे। अमर उजाला ने 24 दिसम्बर के अंक में चीनी मिल के केन यार्ड में अधूरी व्यवस्थाओं को उजागर किया था।जिस खबर का अधिकारियों ने संज्ञान लिया है।
मिल प्रशासन ने किसान विश्रामालय एवं मिल यार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विश्रामालय में किसानों को सर्दी से बचाव के लिए गद्दे एवं कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। शौचालय में सफाई व्यवस्था भी बदहाल मिली। मिल प्रशासन ने किसान भवन व शौचालय आदि की साफ सफाई कराई। एक हॉल में किसानों के ठहरने के लिए गद्दा, रजाई के साथ उनके लेटने की व्यवस्था कराई। सोमवार सुबह किसान भवन देखा तो उसकी सफाई हो रही थी।
गांव शेखपुर हुसंगा के किसान योगेंद्र कुमार ने बताया कि वे रविवार रात आठ बजे यहां गन्ना लेकर आए थे। उनका नंबर नहीं आया और तौल नहीं हो सकी। रात को किसान भवन में ठहरे सभी व्यवस्था ठीक मिली।
गांव पितौरा निवासी किसान आदेश कुमार ने बताया कि पहले यहां गंदगी थी। शौचालय भी गंदे पड़े रहते थे। अब काफी दिनों से व्यवस्था ठीक है।रात में ठहरने के लिए किसानों को कोई दिक्कत नहीं है। सीसीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि किसानों के ठहरने के लिए उचित प्रबंध कराया है। फिलहाल किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है।