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Farrukhabad News: कम बोली पर किसान ने नहीं दिया आलू तो नीलामी हुई बंद

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फोटो- 36, कमालगंज की मंडी में आलू के हो रहे सौदे। संवाद
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कमालगंज। स्थानीय मंडी में शुरू हुआ आलू का कारोबार मंडी शुरू होने के चौथे दिन ही विवाद में घिर गया। राजेपुर के किसान के आलू की 321 रुपये पैकेट की अंतिम बोली लगी तो किसान ने इस भाव पर मना कर दिया। माल न देने से व्यापारियों ने नीलामी बंद करा दी। शनिवार को 108 रुपये क्विंटल भाव टूट गया।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति में 31 दिसंबर को मंडी शुरू हुई थी। शनिवार को नगला खेमरेंगाई के मुख्तयार की आढ़त पर मंडी सचिव अनूप कुमार दीक्षित की मौजूदगी में राजेपुर के किसान के आलू की नीलामी शुरू हुई तो 321 रुपये पैकेट अंतिम बोली लगी। किसान का कहना था कि उनका आलू 350 रुपये पैकेट तक का है। इसको लेकर विवाद की स्थिति बन गई। किसान ने आलू नहीं दिया तो व्यापारियों ने नीलामी बंद करा दी। व्यापारी बिना नीलामी के ही किसानों से सौदे करने लगे। वहीं, मंडी सचिव ने कहा कि किसान को यह आभास हो कि उसे सही भाव नहीं मिल रहा है तो वह यहां से प्रदेश की किसी भी मंडी में अपना आलू ले जा सकता है।

शनिवार को करीब नौ हजार पैकेट आलू मंडी में आया। 271 रुपये पैकेट से 321 रुपये पैकेट का भाव रहा। जबकि शुक्रवार को 375 रुपये पैकेट तक भाव रहा था शनिवार को मंडी में नौ हजार पैकेट आलू आया। विवाद के बाद मुख्तयार की आढ़त पर बिक्री बंद हो जाने के काफी देर बाद सचिव ने पुनः पहुंचकर बोली शुरू कराई।
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गल्ला आढ़ती संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय कमल ने कहा कि बाहर की मंडियों में करीब 100 रुपये क्विंटल भाव कम हो गए। इसीलिए बोली कल से कम भाव पर छूट रही। कंधरापुर के किसान बृजेश ने बताया कि पहले उसका 42 पैकेट आलू 291 रुपये मेंमांगा गया। उसने कहा कि 300 से कम में नहीं देंगे तो फिर 301 रुपये में सौदा हुआ।

किसान ने कहा, जानबूझकर बोली कम रखी गई
- राजेपुर के किसान सिराज अहमद ने कहा कि उनका पीली मिट्टी का आलू है। आलू का साइज भी सुपर है। कुछ व्यापारी एकता करके किसानों का आलू कम भाव पर खरीदना चाहते हैं। यदि 341- 351 रुपये पैकेट तक उनके आलू की अंतिम बोली जाती तो वह माल दे देते।



मंडी की साख अच्छा भाव मिलने की बनी रहे
- आलू व्यापारी मुख्तयार का कहना है कि वह चाहते हैं कि कमालगंज मंडी की साख अच्छा भाव मिलने की बनी रहे। अन्यथा किसान मंडी में आना छोड़ देंगे। किसान पहले की तरह कानपुर मंडी माल ले जाने लगेंगे। राजेपुर के किसान का आलू दक्षिण के हैदराबाद वाली गुणवत्ता का है। दाम बढ़कर किसान को पैसे मिल सकते हैं।
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