अपनी जमीन पर उतरे तो भूल गए तमाम दुख और दर्द
फर्रुखाबाद। गुजरात के वीरमगांम से स्पेशल ट्रेन 1201 श्रमिकों को लेकर फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह 11 बजे पहुंची। इसमें जिले के 91 श्रमिक थे। अन्य दूसरे जनपदों के होने से उन्हें रोडवेज बसों से भेजा गया। प्रशासन ने भोजन व पानी दिया। ट्रेन से लौटे अधिकांश लोग फैक्टरियों में काम करते थे।
अधिकांश की कहानी में राशन व पूंजी का संकट ही नजर आया। स्टेशन पर उन्हें टिक फ्री मिला पर स्टेशन तक पहुंचाने वाले बस के परिचालकों ने कई लोगों से रुपये ठग लिए। हालांकि इसका दुख उनके चेहरे पर कम, घर पहुंचने की खुशी अधिक दिखाई दी।
घर पहुंचने की खुशी सबसे बड़ी
जनपद आंबेडकर नगर के अकबरपुर के मंतराम निषाद वीरमगांम में बर्फ की फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन हुआ तो फैक्टरी में ताला पड़ गया। मकान मालिक किराया नहीं ले रहे थे पर राशन खत्म हो गया था। सरकारी आटे से कुछ दिन पेट भरा। जिस मोहल्ले में वह रहते थे। वह रेड जोन में था। विशेष ट्रेन की जानकारी पर आवेदन कर दिया। बस से स्टेशन तक छुड़वाया गया तो परिचालक ने टिकट के नाम पर 580 रुपये ऐंठ लिए। स्टेशन पर टिकट फ्री मिला। उनका कहना था कि घर पहुंचने की खुशी सबसे बड़ी है।
थोड़ा कमाएंगें, रहेंगे अपने ही गांव में
कन्नौज के छिबरामऊ निवासी प्रेम, अमेठी के अजय और बाराबंकी के रामलाल एक ही फैक्टरी में काम करते थे। सरकार से मिला राशन एक सप्ताह में ही खत्म हो गया। गुजरात में कोरोना मरीज अधिक होने से परिजन वापस आने को कह रहे थे। सरकार ने उपकार किया जो उनके घर पहुंचने की व्यवस्था की। अब तो वह थोड़ा कमाएंगे, लेकिन घर पर ही रहेंगे। परिवार के बीच रहकर बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देंगे।
अपनों के बीच में जन्म लेगी संतान
जिला अमेठी के धनंजय अपनी गर्भवती पत्नी उमा व बेटे सूरज के साथ स्टेशन पर उतरे तो खुशी का ठिकाना नहीं था। कहा कि 15 दिन से गांव जाने के लिए उतावले थे। योगी सरकार ने उनके सपने को सच कर दिया। उमा ने बताया कि उसको रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बात का सुकून है कि वह अपने बच्चे को अपनों के बीच में जन्म देगी। पति धनंजय ने बताया कि उसके फैक्टरी मालिक ने काम न करने के बाद भी वेतन दिया।
भूखे बच्चों को डांटने के बाद छलके आंसू
मां खुद भूखी रहकर बच्चों को खिलाती है। शनिवार को गुजरात से शाहजहांपुर के लिए आई ज्ञानवती ने स्टेशन पर पहुंचते ही बेटी आरती को खाना मांगने पर डांट दिया। ज्ञानवती के आंसू छलक आए। जिला जालौन जा रही पूनम स्टेशन आने पर अपने बच्चे को चूम रही थी। शाहजहांपुर की अंजना का बेटा गुड्डा प्यास से तड़प रहा था। मां उसे गोद में उठकार स्टेशन के बाहर आई। जैसे ही नल दिखाई दिया तो अपने कलेजे के टुकड़े को अपने हाथों अंजुली से पानी पिलाया।
बिहार सहित 71 जिलों के श्रमिक आए
शनिवार को गुजरात के वीरमगांम से आई ट्रेन में जिला आजमगढ़ के 16, आगरा के 8, आंबेडकर नगर के 27, अमेठी के 51, अमरोहा के 1, औरैया 6, अयोध्या के 2, बदायूं के 173, बहराइच के 2, बलरामपुर के 5, बलिया 29, बमियारी 1, बांदा 9, बांद्रा के 8, बाराबंकी के 29, बरेली के 9, बारमोई के 2, बस्ती के 12, भदोही के 2, बिजनौर के 2, बुलंदशहर के 6, चंदौली 2, चौरासी 1, देवरिया के 22, चित्रकूट के 4, इटावा के 4, फैजाबाद के 6, फर्रुखाबाद के 91, फतेहपुर के 13, फिरोजाबाद 6, गाजीपुर के 12, गौंडा के 1, गोरखपुर के 3,
हमीरपुर के 9, हरदोई के 34, हरिनाथपुर के 1, जालौन के 68, कन्नौज के 1, कानपुर नगर के 6, कानपुर देहात के 4, कासगंज के 166, कौशांबी 4, खेमापुर 2, कुशीनगर के 13, लखनऊ के 1, महाराजगंज के 10, महोबा 5, मथुरा के 7, मऊ के 7, मेरठ के 1, मिर्जापुर के 3, मुरादाबाद के 3, मुजफ्फरनगर 4, नागौर के 1, प्रतापगढ़ 42, प्रयागराज के 24, राबरेली के 20, संत कबीर नगर के 2, सारंग के 1, शाहजहांपुर के 96, सिद्धार्थनगर के 36, सिंगरौली के 1, सितान 1, सीवान 1, सोनभद्र के 1, सुल्तरानपुर के 20, उन्नाव के 1, वाराणसी के 11 श्रमिक आए हैं।
साढ़े तीन घंटे देरी से आई ट्रेन, अफसर गर्मी में हुुए बेेहाल
वीरमगांम से शुक्रवार शाम सात बजे रवाना हुई स्पेशल ट्रेन शनिवार को सुबह 7.20 बजे पहुंचने का समय बताया गया था। पुलिस व प्रशासन के लोग सुबह सात बजे से ही अलर्ट हो गए थे। ट्रेन दो घंटे लेट बताई गई। इस पर अफसर चले गए। नौ बजे के बाद फिर से पहुंचे तो बताया गया कि ट्रेन 10.30 बजे आएगी। एसपी व डीएम भी आ गए। ट्रेन 10.55 बजे तीन नंबर प्लेटफार्म पर आई।