कायमगंज। मिल प्रशासन ने जर्जर पुरानी मशीनों की मरम्मत कर काफी मशक्कत के बाद गुरुवार देर रात चीनी मिल में पेराई कार्य शुरू करा दिया है। दूसरे दिन शाम 6 बजे तक मिल ने 6 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई भी कर दी। इससे मिल प्रशासन व किसानों के चेहरे खिले नजर आए।
चीनी मिल की करीब 49 साल पुरानी जर्जर मशीनें इस बार शुरू में ही धोखा दे दे गईं। 27 नवंबर को नए पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ था। मिल प्रशासन को भरोसा था कि 3 दिन में गन्ना एकत्र होने के बाद मिल सुचारू रूप से चालू हो जाएगी। इसके लिए दो दिसंबर तक का 48 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया गया। किसान मिल में गन्ना लेकर आने लगे। इस बीच मिल हाउस में टरबाइन का कूलर धोखा दे गया। इससे चार दिन पेराई कार्य नहीं हुआ। किसान भी मायूस होने लगे। मिल प्रशासन ने मेरठ से कूलर की मरम्मत कराई लेकिन कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद तकनीकी कर्मचारी बुलाकर उसकी मरम्मत कराई गई। गुरुवार रात 9 बजकर 50 मिनट पर पेराई कार्य शुरू करा दिया गया। तब से लगातार पेराई कार्य जारी है। 6 हजार क्विंटल पेराई हो चुकी है। यार्ड में 5500 क्विंटल गन्ने की ट्रालियां खड़ी हैं। लगातार तौल भी जारी है।इससे किसान काफी खुश हैं।
मिल के चीफ इंजीनियर विनोद दयाल ने बताया कि टरबाइन पर फिलहाल आधा लोड डालकर चलाया जा रहा है। रसड़ा चीनी मिल से कूलर मंगाया गया है। दो दिन में कूलर आ जायेगा। इसके बाद पेराई कार्य सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा।
जीएम कुलदीप सिंह ने बताया पेराई कार्य जारी है। टरबाइन का कूलर आने के बाद उनके यहां एक एक्स्ट्रा कूलर हो जाएगा। फिलहाल बॉयलिंग पर लोड नहीं डाला गया है।दो दिन बाद पूरे पॉवर से चीनी मिल चालू हो जाएगी। फिलहाल किसानों की समस्या को दूर कर दिया गया है।