फर्रुखाबाद। जिम्मेदारों की परिवहन ठेकेदार से मिलीभगत के चलते किसानों से खरीदा गया गेहूं 35 सहकारी समितियों से एक माह दस दिन बाद भी नहीं उठ सका है। इन सभी समितियों पर पीसीएफ के खरीद केंद्र बनाए गए थे। समितियों पर जगह न होने से वहां खाद नहीं पहुंच पा रही है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
जनपद में 70 सहकारी समितियां हैं। पीसीएफ की निगरानी में 35 समितियों पर क्रय केंद्र खोले गए थे। 15 जून तक गेहूं की खरीद की गई। पीसीएफ के 35 केंद्रों पर कुल 6184.43 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। पीसीएफ के अधिकारी व परिवहन ठेकेदार की लापरवाही के चलते इन केंद्रों से गेहूं के उठान में मनमानी चलती रही। कई बार तो गेहूं का उठान न होने से बोरों का अंबार लग गया और खरीद बंद करनी पड़ी। गेहूं उठान में लापरवाही अभी तक जारी है। नतीजा यह है कि खरीद बंद हुए एक माह 10 दिन हो चुके लेकिन अभी तक क्रय केंद्रों पर गेहूं भरा है। कुछ समितियों पर तो एक बार भी गेहूं का उठान नहीं किया गया। गोदाम में जगह न होने से खाद रखने की जगह नहीं है। इससे यूरिया व डीएपी लेने आने वाले किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। 24 जुलाई तक सभी 35 क्रय केंद्रों पर 1,258 मीट्रिक टन गेहूं भरा था।
इन समितियों पर भरा है गेहूं
पीसीएफ के 35 केंद्रों में सरैया बढ़पुर, खुदागंज, बराबिकू व हरसिंहपुर गहलवार में एक बार भी गेहूं का उठान नहीं हुआ। शहर की सातनपुर मंडी स्थित क्रय केंद्र पर करीब डेढ़ ट्रक गेहूं भरा है। इसके अलावा सहकारी समिति कमालगंज, चिलसरा, राजेपुर गांधी, नीबकरोरी, कंपिल, कुबेरपुर कुतलूपुर, खिमसेपुर, गनीपुर जोगपुर गठवाया, जैनापुर, नया गांव हुसैनपुर हड़ाई, बरौन, महमदगंज परमनगर, विहार, शादनगर, राजेपुर एट आंतर, बरुआ, मंझना, सिरोली, अमृतपुर, कनासी, कायमगंज दक्षिणी, नगला बजीर खारबंदी, नगला नान, पखना, पिथनापुर, पिपरगांव, बराबिकू, मदनपुर, महलई, हरकमपुर व सहकारी संघ पखना क्रय केंद्र से गेहूं का उठान नहीं हुआ है।
एक समिति पर 7000 तक जुड़े हैं किसान
साधन सहकारी समिति (बी-पैक्स) से 7000 किसान तक जुड़े हैं। गांव के क्षेत्रफल के हिसाब से समितियों पर किसान सदस्य बनाए जाते हैं। नियमानुसार गांव का कोई भी किसान सदस्य बनने से वंचित नहीं रहना चाहिए। इससे न्याय पंचायत स्तर की समितियों में पांच हजार से सात हजार सदस्य और ग्राम पंचायत स्तर की पुरानी समितियों में 500 से अधिक सदस्य जुड़े हैं।
एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारीपीसीएफ के प्रभारी जिला प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि समितियों से गेहूं का उठान कराया जा रहा है। एफसीआई गोदाम पर आ रही दिक्कतों से गेहूं उठान में देरी हुई। वहीं, एफसीआई के अधिकारियों का कहना है कि पीसीएफ के परिवहन ठेकेदार की लापरवाही से उठान में देरी हो रही है। परिवहन ठेकेदार ट्रक ही उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
पीसीएफ व एफसीआई दोनों की लापरवाही : डिप्टी आरएमओ
डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि जुलाई में एफसीआई गोदाम पर 10 तारीख तक भौतिक सत्यापन होता रहा। इसके बाद करीब आठ दिन कांटा खराब रहा। इससे एफसीआई गोदाम में गेहूं लिया ही नहीं गया। साथ ही पीसीएफ के अधिकारी व परिवहन ठेकेदार की भी लापरवाही रही। गेहूं खरीद के दौरान पीसीएफ केंद्रों पर गेहूं का उठान काफी धीमी गति से चला। 15 जून को खरीद बंद होने के बाद भी परिवहन ठेकेदार सुस्त रहा। यदि नियमित उठान होता तो अब तक केंद्रों पर गेहूं नहीं बचता।
जगह बनवाकर भेजी जा रही खादएआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि समितियों पर गेहूं किनारे लगवाकर जगह बनवा दी गई है। इससे यूरिया व डीएपी भेजी जा रही है। जल्द ही गेहूं का पूरा उठान होने के साथ समस्या निस्तारित हो जाएगी।
पीसीएफ प्रबंधक व परिवहन ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि सहकारी समितियों पर बनाए गए क्रय केंद्रों से गेहूं उठान में पीसीएफ जिला प्रबंधक व परिवहन ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। इस मामले में कार्रवाई के लिए वह शासन को पत्र लिख चुकी हैं। एमडी को भी अवगत करा दिया है।
सहकारी समितियों की हालत ठीक नहीं
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र की साधन सहकारी समिति गांधी में बृहस्पतिवार दोपहर 3:20 बजे गोदाम में ताला लगा था। कार्यालय खोल कर चौकीदार अनंतराम बैठे थे। चौकीदार ने बताया कि सचिव काम से बाहर गए हैं। यूरिया की करीब दो सौ से अधिक बोरी रखी है। साधन सहकारी समिति अलीगढ़ 3:39 बजे खुली थी। गेहूं की बोरियां बरामदे में लगी हैं। सचिव अपने कार्यालय में बैठ कर काम कर रहे थे। सचिव ने बताया कि यूरिया की 300 बोरी मिली थी। स्टॉक में 340 बोरी है। सचिव ने बताया कि गेहूं सवैया वाला है। इसको अंदर गोदाम में लगवाया जा रहा है। साधन सहकारी समिति कुबेरपुर कुतुलूपुर में 3:52 बजे ताला लगा था। बरामदे में गेहूं रखा था।
फोटो-14 सातनपुर स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र पर लगे गेहूं के बोरे। संवाद