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मौसम साफ, आस्था की नगरी में भक्तों का सैलाब

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मेला रामनगरिया में झूले का आनंद लेते बच्चे। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। मौसम साफ होते ही पांचाल तट पर बसी आस्था की नगरी में श्रद्धा का सैलाब उमड़ने लगा है। जगह-जगह भंडारे व भागवत कथाएं हो रही हैं। कल्पवासी कथा पंडालों में पहुंच कर भक्ति में लीन हैं।
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रामनगरिया को लगे 14 दिन बीत गए। मौसम की बेरुखी से मेला बेरौनक था। मौसम साफ और रविवार के अवकाश होने की वजह से मेले में भीड़ पहुंची। दुकानों पर रौनक लौटी और बच्चे झूलों का आनंद लेते दिखे। भोलेपुर हनुमान मंदिर के बाबा बालकदास बाबा के आश्रम में कुम्हरौर के प्रभाकर त्रिवेदी ने संतों को भोज कराया।
आदर्श क्षेत्र में स्वामी सत्यस्वरूप महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरी महाराज के आश्रम में भजन कीर्तन चलते रहे। श्रीपंच दशानांम जूना भैरव अखाड़े में मनोज भारती बब्बा गुरु के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। कल्पवासी गंगा स्नान कर दान पुण्य कर रहे हैं।
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बच्चा स्वामी शिवस्वरूप महाराज सोमवार को निकलने वाली जल यात्रा की तैयारियों में लगे रहे। सांस्कृतिक पंडाल में मथुरा के वृंदावन चार सम्प्रदाय आश्रम के स्वामी हरगोविंद ने रासलीला का आयोजन किया। इसमें कृष्ण जन्म व नंद उत्सव की लीला दिखाई गई। कृष्ण देवकीनंदन, कंस शांतिस्वरूप, वासुदेव नृत्यगोपाल, देवकी का रोल सोनू शर्मा ने किया है। झांकियां भी दर्शाई गईं।
दवाओं के बिना ही खोल दिए अस्पताल
मेला में खोले गए एलोपैथिक अस्पताल में दवाएं नहीं हैं। इस अस्पताल में एलोपैथिक के एक डॉक्टर तैनात हैं। सर्दी-जुकम, दर्द, आंख के ड्राप, खुजली, आदि की दवा नहीं है। मरीज बिना दवा के लौट रहे हैं। इससे लोगों में रोष है।
संत डीएम और मेला सचिव को बता चुके हैं, फिर भी समस्या नहीं सुधरी। संतों ने सीएमओ के खिलाफ आंदोलन की धमकी दी। सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि मेला रामनागरिया के लिए कोई बजट नहीं है। जितनी व्यवस्था हो सकती है। वह कर रहे हैं।

मेला रामनगरिया में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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