केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम अर्थशास्त्र पर नहीं,
यथार्थवादी सरकार चला रहे हैं। गरीब व किसानों का ध्यान रखा जा रहा है।
सरकार सभी को नौकरी नहीं दे सकती, लेकिन बेरोजगारों के हुनर को निखार कर
उन्हें रोजगार लायक बनाया जा सकता है। मुद्रा बैंक में 20 हजार करोड़ रुपया
है। बेरोजगार कोष से पांच हजार से एक लाख रुपये तक का लोन ले
सकते हैं।
किसानों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा देने के लिए नियमों में भी बदलाव किया
गया है। सरकार चाहती है कि खेती की आमदनी तय हो। बीमा कंपनी इसी पर मुआवजा
दे। गृहमंत्री रविवार को मोहम्मदाबाद इलाके के मौधा में शहीद स्मारक के
लोकार्पण के मौके पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। गृहमंत्री ने अपने 38
मिनट के भाषण में हर वर्ग की बात की। बोले,
सरकार को 13 माह से ज्यादा हो
गए हैं। लोग सरकार के कामकाज के बारे में जानना चाहते हैं। हमने आंख चुरा
कर नहीं, जनता की आंखों में आंखें डालकर राजनीति की है। हम पहले की स्थिति
(अटल सरकार )पर भले नहीं पहुंचे लेकिन सुधार हुआ है। महंगाई में कमी आई है।
पेट्रोल, डीजल के मूल्य गिरे हैं। इसका सभी पर असर पड़ा है। भारत का मान
बढ़ाने में हमारी
सरकार सबसे आगे है। सरकार बनने के बाद नवंबर व दिसंबर माह
में पाक सीमा पर फ ायरिंग में पांच लोगाें की मौत का जिक्र करते हुए क हा
कि इस मामले में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स को पाकिस्तान को जवाब देने के
लिए कहा था। इसके बाद फोर्स ने वह किया कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र
संघ में फरियाद करनी पड़ी कि भारत जुल्म ढा रहा है।
उन्हाेंने स्वच्छता
अभियान को लेक र कहा कि सरकार राजनीति के साथ ही सामाजिक कार्यों को साथ
लेकर चल रही है। 10 सालाें में सभी घराें में शौचालय हाेंगे। केवल सपा
समर्थकाें को मुआवजा देने व बाकी किसानाें को छोड़ देने पर उन्हाेंने कहा
कि मुख्यमंत्री अखिलेश से कहकर जिले में फसल का दोबारा सर्वे करवाया जाएगा।
आलू निर्यात की
मांग पर कहा कि इस बारे में भी अखिलेश से बात करेंगे।
किसानों के मुआवजे पर कहा कि खेती की आमदनी तय कराई जाएगी। दैवी आपदा में
बीमा कं पनी इसी तय आमदनी पर किसानाें को मुआवजा देगी। जिले में फसल
क्षतिपूर्ति के मुआवजे में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। मुख्यमंत्री से
कहकर फसलों के नुकसान का सर्वे दोबारा करवाने को कहा जाएगा।