हक के लिए अनशन पर बैठने वालों का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया।
इनकी गिरफ्तारी होने पर बड़ी संख्या में गांव के लोग कोतवाली पहुंच गए।
इन्होंने कोतवाली का घेराव कर हंगामा किया। इस दौरान कोतवाल से नोकझोंक हो
गई। कमालगंज के भटपुरा, गांधी और देवरान गढ़िया के ग्रामीण कुछ दिनों से
फसलों की नुकसानी में मुआवजा न मिल पाने पर
कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन पर
बैठे थे। शुक्रवार की रात फतेहगढ़ कोतवाल अनूप तिवारी फोर्स के साथ पहुंचे।
यह यहां से अनिरुद्ध, विष्णुप्रकाश, राजेश, अमर सिंह, रमेश कुमार को पकड़
कर कोतवाली ले आए। पुलिस ने इनका शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया।
शनिवार की सुबह इसकी जानकारी पर पहुंचे गांव के लोगों ने कोतवाली घेर ली।
यह नारेबाजी करते हुए
अनशनकारियों को छोड़ने की मांग करने लगे। नारेबाजी
सुनकर कोतवाल अनूप तिवारी आ गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास
किया लेकिन वे मानने के लिए तैयार नहीं थे। ग्रामीणों का कहना था कि मुआवजे
के चेकों के वितरण में धांधली की गई। इससे उनका नुकसान हुआ। यहां कोतवाल
की ग्रामीणों से नोंकझोंक हो गई। काफी समय बाद कोतवाल ने समझाबुझा कर मामले
को शांत किया।