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गांव में घुसा गंगा का पानी

Mon, 17 Jul 2017 12:18 AM IST
farrukhabad
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कटरी तौफीक की मढ़ैया में घुसा गंगा का पानी। - फोटो : अमर उजाला
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शमसाबाद। कटरी तौफीक की मढ़ैया गांव के अंदर गंगा नदी के घुसे पानी ने कोहराम मचा दिया है। यहां तेजी से गंगा कटान कर रही है। करीबन 10 लोगों के खेतों में कटान जारी है। रविवार को गंगा का पानी महावीर, अमर सिंह, नंदकिशोर और मदनपाल समेत सात लोगों की झोपड़ियों में घुस गया। काफी सामान भीगकर नष्ट हो गया। इससे ग्रामीणों को अपना बसेरा छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा।
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गंगा नदी यहां राजेश्वर, ज्ञानचंद्र, मुनेश, श्रीकृष्ण, मानसिंह और पप्पू समेत 10 लोगों के खेतों में कटान हो रही है।  राजेश्वरी पत्नी ब्रजपाल, गजरानी पत्नी अमर सिंह, उमा पत्नी मदनमोहन, रूबी पत्नी ब्रजपाल का कहना है कि न तो उन्हें प्रधान की ओर से कोई सुविधा मुहैया कराई गई है और न ही शौचालय बनवाए गए हैं। बाढ़ की वजह से उन लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके खाने-पीने का सामान भीग गया है। इससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन कोई सुधि नहीं ले रहा है।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि पीड़ितों को जल्द राहत दिलाई जाएगी। एसडीएम को निर्देशित कर बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने, उनकी सुरक्षा व अन्य इंतजाम करने को कहा जाएगा।
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तीसराम की मढ़ैया में कटान तेज, ग्रामीण भयभीत
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के गांव तीसराम की मढ़ैया में गंगा की धारा से कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों की झोपड़ियों से बमुश्किल 15 मीटर की दूरी पर ही गंगा बह रही है। बाढ़ से चाचूपुर और गौटिया में खेत भी कटने लगे हैं। तीसराम की मढ़ैया में गंगा किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि अभी तक 20 मीटर की दूरी पर गंगा बह रही थी लेकिन रविवार तड़के गंगा अब उनके घरों से 15 मीटर दूर पर ही रह गई है। गंगा किनारे रहने वाले विजयपाल, नरवीर, अलवर, मान सिंह, मिहीलाल, रामऔतार, सर्वेश, सूरजपाल, विनोद कुमार और अशोक कुमार आदि का कहना है कि बाढ़ को देखते हुए हर कोई भयभीत है।

एसडीएम वसंत गुप्ता ने गांव में प्रभावितों को रहने के लिए जगह दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक उन्हें कहीं जगह नहीं दी गई है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा है कि वह लोग अपना सामान लेकर कहां जाएं। मजबूरी में रात में जागकर रात गुजार रहे हैं। डर लगा रहता है कि पता नहीं कब रात में गंगा नदी कटान शुरू कर दे। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि उन लोगों को रहने के लिए जगह उपलब्ध कराई, जिससे वह लोग वहां जाकर रह सकें। इस संबंध में एसडीएम वसंत गुप्ता ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ शरणालय और चौकियां खोल दी गई हैं। तीसराम मढ़ैया के बाढ़ पीड़ित बदनपुर बाढ़ शरणालय में जाकर रह सकते हैं। इन लोगों के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी जल्द ही करा दी जाएंगी।
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