शहर क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी कागजाें पर हो रही है। यूं इनकी निगरानी का जिम्मा इलाके के सिपाही से लेकर थानेदार तक का होता है। शहर क्षेत्र में 231 हिस्ट्रीशीटर हैं। शहर कोतवाल की हत्या के बाद पुलिस फिर से इनकी खोेज के लिए सक्रिय हो गई है।
शहर क्षेत्र में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस घटना होने के बाद ही सक्रिय होती है। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में 61 हिस्ट्रीशटर हैं। इनकी निगरानी होती हैं। इनके अलावा 22 हिस्ट्रीशटर निगरानी के दायरे से बाहर हो चुके हैं। शहर कोतवाली में 97 हिस्ट्रीशीटर हैं।
यह निगरानी की जद में हैं। 110 हिस्ट्रीशीटर नियमाें के तहत निगरानी से बाहर कर दिए गए हैं। थाना मऊदरवाजा इलाके में 73 हिस्ट्रीशटर हैं। यहां 32 की निगरानी बंद हो चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटरों की दो श्रेणियां हैं। अ श्रेणी में जघन्य अपराध करने वालों को रखा जाता है। ब श्रेणी में चोरी और अन्य घटनाओं के अपराधी शामिल होते हैं।
सूत्रों का कहना है कि महीने में दो बार सिपाही से लेकर स्टेशन अफसर तक कोइन हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी करनी होती है। निगरानी में इनके घर पर होने व परिवार के बारे में जानकारी की जाती है। बताया गया कि पुलिस के पास काम की अधिकता होने के कारण इन हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी नहीं हो पाती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बंदशुदा निगरानी में वह हिस्ट्रीशीटर आते हैं जो वृद्ध हैं या जिन्होंने पांच सालों में कोई अपराध न किया हो। हालांकि एक बार फिर से हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी का काम शुरू कर दिया गया है।