कायमगंज स्थित चीनी मिल में अपनी समस्याएं बताते किसान।
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। गन्ने के अभाव में चीनी मिल बार-बार बंद होने पर गन्ना विभाग ने संज्ञान लिया है। किसानों के पास गन्ना तो है मगर उन्हें पर्चियां नहीं मिल रही हैं। ऐसी समस्याओं को सुलझाने के लिए जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) व जीएम ने किसानों के साथ बैठक की और कहा जिन किसानों खेतों में गन्ना खड़ा है उनका पर्यवेक्षक से सर्वे कराकर पर्चियां जारी कर दी जाएंगी।
किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ने का टोटा चल रहा है। इसके चलते आए दिन मिल में पेराई बंद हो जाती है। वहीं किसान पर्चियों के लिए परेशान हैं। अधिकांश किसानों का कहना है उनके पास गन्ना तो है, लेकिन पर्चियां नहीं हैं। मिल प्रशासन बढ़ाकर इंडेंट जारी कर रहा है, लेकिन उन किसानों को पर्चियां नहीं मिल पा रहीं जिन्हें जरूरत है।
शनिवार से रविवार तक दो बार नो केन में पेराई बंद हो चुकी थी। इसको संज्ञान लेते हुए जिला गन्ना अधिकारी साहबलाल यादव व जीएम डीके सक्सेना ने सोमवार को किसानों की समस्याएं सुनीं। साथ उनकी समस्याओं से संबंधित शिकायतें भी लीं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास गन्ना खेतों में खड़ा है उनका सर्वे कराया जाएगा और पर्ची जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हो चुकी है। साथ ही पर्यवेक्षकों को यह भी बताया गया कि 15 फरवरी से वसंत कालीन गन्ने की बुवाई शुरू होती है। इसके लिए जिन किसानों के पास अर्ली वैरायटी का गन्ना खेतों में खड़ा है उसे बीज के लिए रोक दें, जिससे क्षेत्र में अधिक से अधिक अर्ली वैरायटी की पैदावार हो सके।
बीज में बिक्री के लिए ऐसे किसानों को 15 रुपये क्विंटल अतरिक्त भाव दिलाया जाएगा। इस दौरान ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अशोक यादव, सीसीओ प्रमोद यादव मौजूद रहे।