शिक्षकों की मांगों को अनदेखा करने पर माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को
चेतावनी दिवस मनाया। शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाहर
धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। मुख्यमंत्री को संबोधित
20 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक
संघ शर्मा गुट के शिक्षक नेताआें ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के
बाहर धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। यहां से जुलूस
निकाल प्रदर्शन करते हुए यह कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी को ज्ञापन
दिया गया। इसमें कहा गया कि प्रांतीय नेतृत्व को सभी शिक्षकों की समस्याओं
के निराकरण का आश्वासन मिलता रहा है। समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इस
कारण चेतावनी दिवस मनाकर धरना प्रदर्शन किया गया। तदर्थ शिक्षकों के
विनियमितीकरण, सीटी संवर्ग से एलटी संवर्ग में संविलीन/ प्रोन्नत शिक्षकों
के लिए चयन वेतनमान दिए जाने के लिए सीटी सेवाओं का लाभ, स्नातकोत्तर उपाधि
से वंचित एलटी ग्रेड के शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिए जाने की
मांग की गई। इन्होंने 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए
जीपीएफ की कटौती एवं पेंशन का लाभ तत्काल लागू किए जाने, वित्त विहीन
विद्यालयों की मान्यता माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा 7 (क) के स्थान पर
धारा 7(4) में परिवर्तित करने,
सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अनुदान
सूची में सम्मिलित करने,वित्त विहीन शिक्षकों के लिए घोषित मानदेय का
भुगतान किए जाने की भी मांग की। इस दौरान अध्यक्ष लालाराम दुबे, जिला
मंत्री नरेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, पूर्व जिलाध्यक्ष जेपी दुबे, पूर्व
जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, जिला कोषाध्यक्ष नवलकांत अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष
मोहित तिवारी, डा. दिनेश चंद्रा, प्रदीप कुमार जायसवाल, इंद्रा राठौर,
नागेन्द्र सिंह चौहान, नितीस सक्सेना समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।