फर्रुखाबाद। रात की ठंडक, दिन में चटख धूप में तेज गर्मी में बीमारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। बृहस्पतिवार को लोहिया अस्पताल के वार्डों में बेड खत्म हो गए। हालात यह हुए कि इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाना पड़ा। बेड के अभाव में स्ट्रेचर पर इलाज किया गया। मरीजों की संख्या 155 पहुंच गई। बर्न वार्ड में भी साधारण मरीज भर्ती करने पड़े। स्टाफ नर्स से तीमारदारों की जमकर तकरार हुई।
लोहिया अस्पताल में बृहस्पतिवार को सुबह मेडिकल वार्ड में 61, हड्डी में 15, जेरियाट्रिक में 9, सर्जिकल में 17, बर्न में दो, एनआरसी में 11 व इमरजेंसी में 15 समेत 155 मरीज भर्ती हुए। यह संख्या सीजन की सर्वाधिक है। सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह फुल हो गया। तीन बेडों पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया। यही नहीं इसी दौरान दुर्घटना में घायल जयदेवी का ढाई घंटे से अधिक देरी तक स्ट्रेचर पर ही इलाज करना पड़ा। मरीजों की अधिक संख्या व तीमारदारों की भीड़ से वार्ड में हॉचपॉच रही। इसी दौरान कुछ तीमारदारों ने बेड दिलाने की बात कही, तो स्टाफ नर्स शैफाली से जमकर तकरार हुई। उन्होंने सीएमएस को भी अवगत कराया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्टाफ नर्स ने भी हाथ खड़े कर दिए।
नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में उठाया बेटी को
बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने 12 बजे एक पिता अपने 14 साल की बेटी को लेकर इमरजेंसी पहुंचा। वहां ओपीडी में बालरोग विशेषज्ञ को दिखाने की बात कही गई। इमरजेंसी से उन्हें न तो व्हीलचेयर मिली और न ही स्ट्रेचर। लिहाजा पिता ने बेटी को गोद में उठा लिया। वह ओपीडी तक उसे गोद में उठाकर ही ले गए। गैलरी में आ रहे क्वालिटी मैनेजर ने भी कोई ध्यान नहीं दिया।
स्ट्रेचर पर लिटाकर ढाई घंटे चला इलाज
फर्रुखाबाद। कमालगंज क्षेत्र के गांव गांधीनगर भटपुरा निवासी जसवंत की पत्नी जयदेवी (45) दुर्घटना में घायल हो गई थीं। उन्हें लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें स्ट्रेचर से इमरजेंसी वार्ड में भेजा गया। वहां दोपहर एक बजे तक बेड खाली नहीं मिला। लिहाजा स्ट्रेचर पर ही परिजन हाथ में बोतल पकड़े इलाज करवाते रहे।
वर्जन
मौसम बदलने से मरीज बढ़े हैं। दुर्घटनाओं के मरीज भी बृहस्पतिवार को अधिक आए। इसलिए बेड मिलने में दिक्कत हुई। वह शीघ्र ही आइसोलेशन वार्ड को खुलवाएंगे। मरीज को स्ट्रेचर अथवा व्हीलचेयर न मिलने की जानकारी करेंगे। हर मरीज को इलाज मिलेगा। -डॉ. जगमोहन शर्मा, सीएमएस
फोटो-7 लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में बेड पर लेटे दो-दो मरीज। संवाद- फोटो : 1
फोटो-7 लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में बेड पर लेटे दो-दो मरीज। संवाद- फोटो : 1