फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात वार्ड बॉय मनमौजी हो गए हैं। वह आराम फरमाते रहते हैं। तीमारदार स्ट्रेचर खींचने को मजबूर हैं। कुछ वार्ड बॉय ड्यूटी से लापता हैं। उनके 20-20 दिन से उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर तक नहीं हैं। कुछ की एवजी में काम करने वाले परिजन भी यदाकदा ड्यूटी आने के बाद चले जाते हैं।
लोहिया अस्पताल के वार्ड बॉय की मनमानी की वजह से तीमारदार और मरीज परेशान हो रहे हैं। लोहिया अस्पताल में वार्डों की व्यवस्था और मरीजों की मदद के लिए करीब 33 वार्ड बॉय की तैनाती है। भर्ती मरीजों को वार्डों में लाने, ले जाने, एक्सरे कराने, इमरजेंसी से वार्डों में शिफ्ट करने के अलावा वार्डों में मरीजों की देखभाल करने की जिम्मेदारी है। हालात ऐसे हैं कि कोई भी वार्ड बॉय स्ट्रेचर खींचते नहीं मिलेगा। स्ट्रेचर खींचने की जिम्मेदारी मरीजों के तीमारदार खुद उठा रहे हैं।
स्थिति यह है कि अप्रैल माह में वार्ड बॉय के रजिस्टर पर संजय और रामकुमार के 20 दिन से हस्ताक्षर तक नहीं हैं। इससे साफ है कि यह दोनों ही कर्मचारी ड्यूटी से गायब हैं। जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को ही भुगतना पड़ रहा है।
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...एवजी में पुत्र न आने से हुआ विवाद
इमरजेंसी में 21 अप्रैल की रात रामकुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। महीनों से उनके स्थान पर उनका पुत्र ड्यूटी करने आता है। 21 अप्रैल को वह भी नहीं आया। अचानक मरीजों की भीड़ आने पर इकलौते वार्ड बॉय ने विरोध कर नाराजगी व्यक्त की। वार्ड बॉय ने बताया कि पूरी रात कभी ड्यूटी नहीं करते। आधीरात के बाद अकेले ही ड्यूटी करनी पड़ती है।
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नियमित स्वीपरों से वार्ड बॉय का काम
अस्पताल में जब से सफाई व्यवस्था ठेका पर दे दी गई, उसी समय से तैनात नियमित स्वीपरों से वार्ड बॉय का काम लिया जाने लगा है। इसके बावजूद वार्डों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। गेट पर कभी भी वार्ड बॉय तीमारदारों व मरीजों की मदद करते नहीं मिलते हैं।
-कर्मचारी के ड्यूटी पर न आकर एवजी में काम कराना गंभीर बात है। उन्हें किसी भी जिम्मेदार ने जानकारी नहीं दी है। वह कल ही हस्ताक्षर रजिस्टर तलब करके जवाब मांगेंगे। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया जिला अस्पताल