फर्रुखाबाद। सर्दी के मौसम में कोहरा होने पर फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर वाहन चलाना खतरनाक हो जाता है। इस मार्ग पर बिजली के पोल सड़क पर खड़े हैं। इनको हटवाने की कवायद कई बार हुई, वह कागजों में दब कर रह गई। कई एक्सईएन आए और उन्होंने पोलों को हटवाने का दावा किया, खुद तबादला होने पर जिले से चले गए पर पोल जहां के तहां लगे हैं। इन बिजली के पोलों से हादसा होने का डर बना हुआ है।
फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग पर आवास विकास तिराहा से भोलेपुर तक करीब 18 बिजली के लोहे के पोल लगे हैं। सात-आठ साल पूर्व चौड़ीकरण होने पर सड़क पोलों के उस पार पहुंच गई है। इन पोलों पर स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी है। इससे सर्दी में कोहरा होने पर यह पोल वाहन चालकों को नजर नहीं आते हैं और वाहन इन पोलों से टकरा जाते हैं। इस तरह की कई घटनाएं पिछली साल हो चुकी हैं। वाहनों के टकराने से सड़क पर लगे 18 पोलों में कई तिरछे हो कर झुक गए हैं। इन पोलों को हटवाने के लिए करीब तत्कालीन एक्सईएन शहरी एसके शर्मा ने कवायद शुरू की। उन्होंने सर्वे कराकर एस्टीमेट तैयार कराया और पास होने के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा था। उनकी कवायद फाइलों में दब कर रह गईं। एक्सईएन शहरी एसके शर्मा का तबादला होने के बाद एक्सईएन पंकज अग्रवाल ने कार्यभार संभाला। उन्होंने भी सड़क से पोलों को हटवाने का दावा किया और कवायद शुरू की। यह कवायद फाइलों में चलती रही, लेकिन पोल बदलने का काम शुरू नहीं हो सका। उनका भी जिले से तबादला हो गया और उनके स्थान पर एक्सईएन आरबी यादव ने कार्यभार संभाला। उन्होंने भी हादसों को दावत देने वाले इन पोलों को हटवाने की कोशिश की। इस संबंध में सदर विधायक से भी मिलकर बात रखी। सदर विधायक के साथ सर्वे कर एस्टीमेट बनवाया और मुख्य अभियंता कार्यालय कानपुर पास होने को भेजे थे। एस्टीमेट फाइलों में दबने से वह पास होकर नहीं आए और हादसों को अंजाम देने वाले पोलों को बदलने का काम शुरू नहीं हो सका। अब सर्दी के मौसम में कोहरा होने लगा है। इससे रात के समय कोहरा होने पर वाहन लेकर फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग से निकलते समय इन पोलों से टकरा कर हादसा होने का डर बना रहता है। इन पोलों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या कहते जिम्मेदार
एस्टीमेट बनाकर मुख्य अभियंता कानपुर कार्यालय में भेजा है। इस संबंध में मुख्य अभियंता से बात हुई तो उन्होंने बताया कि बजट न होने से एस्टीमेट पास नहीं हो पा रहा है। बजट मिलने पर पास किया जाएगा। इससे अधीक्षण अभियंता को भी अवगत करा दिया गया है।
आरबी यादव,एक्सईएन शहरी
ग्रामीण उपभोक्ताओं के सहयोग को खुला कैश काउंटर
फर्रुखाबाद। बिजली बिल संशोधित कराने के बाद उसको जमा करने के लिए ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं को कैश काउंटर की जानकारी न होने पर इधर उधर भटकना पड़ता है। इससे उपभोक्ता कैश काउंटर की जानकारी करने के लिए कभी एसडीओ तो कभी एक्सईएन के पास पहुंच जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए एक्सईएन ग्रामीण वीपी सिंह ने अपने कार्यालय के पास कैश काउंटर खुलवा दिया है। ताकि बिल संशोधन होने के बाद उपभोक्ता वहीं कैश काउंटर पर बिजली का बिल जमा कर सकें।
अधीक्षण अभियंता ने उपस्थित रजिस्टर किया तलब
फर्रुखाबाद। अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा ने शनिवार को एक्सईएन शहरी खंड कार्यालय के कर्मचारियों के उपस्थिति का रजिस्टर तलब कर अवलोकन किया। इसमें तीन कर्मचारी का अवकाश चढ़ा था और एक कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।