अमृतपुर। गंगा का जलस्तर रविवार को पांच सेंटीमीटर घटकर 137.00 मीटर पर पहुंच गया। नरौरा बांध से 1,28,716 क्यूसेक पानी छोड़ गया है। गांवों के रास्तों व गलियों में पानी भरा होने से खुजली व बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। ग्रामीण नाव, ट्रैक्टर-ट्रॉली और पानी में उतरकर आवागमन करने को मजबूर हैं। उधर, रामगंगा का जलस्तर बढ़कर 136.00 मीटर हो गया है, जिससे बाढ़ की चिंता बनी हुई है।
तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। चारों ओर पानी भरा होने से ग्रामीणों का जीवन घरों, छतों और ऊंचे स्थानों पर गुजर रहा है। खाने-पीने के सामान के साथ पशुओं के चारे का संकट भी बना हुआ है। कई परिवारों में राशन खत्म होने के कगार पर है। नगला माखन, नगला रोशन, पंचम नगला, धनी नगला, जटपुरा, दौलतपुर चकई, हरिहरपुर और वीरपुर समेत कई गांवों के रास्तों पर तेज बहाव के साथ पानी चल रहा है। बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप पर भी पानी तेज गति से बह रहा है। मार्ग बंद होने के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल निकल रहे हैं।
रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा
रामगंगा नदी का जलस्तर 135.85 मीटर से बढ़कर 136.00 मीटर हो गया। खो-हरेली रामनगर बैराज से 4,020 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर में बढ़ोतरी से रामगंगा किनारे बसे गांवों में भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
इलाज के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाहर जाने को मजबूर लोग
गंगा में आई बाढ़ के चलते गांवों के रास्तों और गलियों में लंबे समय से पानी भरा होने से अब बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में कई ग्रामीण बुखार, जुकाम और खुजली से परेशान हैं। गांवों से बाहर निकलना मुश्किल होने से लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कुछ ग्रामीण झोलाछापों से इलाज कराने तो कई ट्रैक्टर-ट्रॉली से फर्रुखाबाद जाकर दवा लेने को मजबूर हैं।
हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, सौदा की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, कुसुमापुर और भाऊपुर चौरासी समेत कई गांवों में ग्रामीण बीमारी से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी से आवागमन प्रभावित है। इसके बावजूद गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से नहीं पहुंच रही है। ग्रामीण सुधीर कुमार, राजेश कुमार, जगदीश और राजवीर ने बताया कि बुखार, जुकाम और खुजली से पीड़ित लोगों को निजी स्तर पर दवा खरीदनी पड़ रही है। पानी भरा होने से मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती है। राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमित राजपूत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही हैं। प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
फोटो-29, नाव से आते उदयपुर के लोग।संवाद
फोटो-29, नाव से आते उदयपुर के लोग।संवाद