गंगा की कटान से गांव कटरी तौफीक में ग्रामीणों के खेत कटने लगे हैं। इसके चलते ग्रामीणों की फसल भी बाढ़ में बह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान अगर बंद न हुआ तो बाकी फसल भी बाढ़ में बह जाएगी। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है।
गंगा में अचानक बढ़े जलस्तर से गांव कटरी तौफीक में गंगा किनारे स्थित खेतों का कटान होने लगा है। गुरुवार को धर्मपाल, रामतीर्थ, अखिलेश कुमार और मनोज कुमार आदि के खेत कट गए हैं। इनके खेतों में आलू और सरसों की फसल खड़ी थी।
तौफीक, धर्मपाल, रामतीर्थ, अखिलेश कुमार और मनोज कुमार का कहना है कि गंगा के कटान से उनके खेत कट रहे हैं। अगर कटान बंद न हुआ तो बचा हुआ खेत भी कट जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन लोगों ने खेत में सरसों और आलू की फसल बोई थी। खेत कटने के चलते फसल भी बह गई है। पीड़ित ग्रामीणों ने कहा कि बीते दिनों आई बाढ़ के दौरान भी उन लोगों की धान की फसल बाढ़ में बह गई थी।
जिला प्रशासन से आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। इस बार आलू और सरसों की फसल बोई तो बाढ़ में वह भी बह गई। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उन लोगों को मुआवजा दिलवाया जाए।