फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ के कार्यकाल की विजिलेंस जांच के लिए पत्रावली तलब कर ली गईं। शनिवार को सीएमओ कार्यालय से टेंडर, भुगतान व नियुक्ति संबंधी पत्रावलियां लखनऊ भेजी गईं। छह दिन पहले ही विजिलेंस टीम ने छापा डाला था।
स्वास्थ्य विभाग में चहेते ठेकेदार को नियम विरुद्ध का देकर मनमाना भुगतान कई बार शासन से शिकायत की गई हैैं। एमएलसी व हरदोई के विधायक स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा विधानसभा में भी उठा चुके हैं। इसमें चहेते ठेकेदार को काम देने, बाजार से कई गुना अधिक मूल्य पर सामग्री की खरीद कर भुगतान करने का मामला उठा था। इसके अलावा डॉक्टर व कर्मचारियों के प्रति व्यवहार ठीक न होने के साथ गाली गलौज करने का भी मामला शासन तक पहुंचा था।
आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर धमकी देने का ऑडियो वायरल होने के साथ शिकायत भी की गई। इसके अलावा शासन से नवनियुक्त एएनएम की मनमानी तैनाती के नाम पर भी कई बार ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल चला। यह सभी मुद्दे प्रभारी मंत्री के सामने भी उठाए गए। कई बार जांच शुरू होने के बाद दबती रहीं। कानपुर में सीएमओ के निलंबित होने के बाद जिले से पहुंचीं शिकायतों पर शासन से विजिलेंस जांच शुरू करा दी गई है।
16 सितंबर को सीएमओ कार्यालय में विजिलेंस टीम ने छापा मारकर अभिलेख खंगाले थे। उस दौरान बताया गया कि खरीद में खेल सहित 10 बिंदुओं पर शासन से की गई शिकायत पर जांच चल रही है।
फिलहाल स्टोर से खरीद, टेंडर व भुगतान संबंधी अभिलेख खंगालने के साथ ही सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार, स्टोर प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर से पूछताछ के बाद टीम लौट गई थी। इसी के बाद सतर्कता विभाग से पत्रावलियां मंगाई गईं, जो शनिवार को विभाग से भेजी गईं।
विजिलेंस टीम के एक निरीक्षक ने बताया कि सीएमओ के कार्यकाल की सभी पत्रावलियों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
वहीं एक विभागीय अधिकारी का कहना है कि कानपुर में सीएमओ के निलंबन के बाद मंडल के सभी जिलों की विजिलेंस जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ अवनींद्र कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में ज्यादा जानकारी नहीं है। यदि जांच हो रही है तो उनके स्तर से सहयोग किया जाएगा।