फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एआरटीओ कार्यालय में वाहन स्थानांतरण का काम रहा बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
एआरटीओ कार्यालय में बुधवार को वाहन स्थानांतरण का काम पूरी तरह बंद रहा। इसको लेकर दूर दराज के इलाकों से आए वाहन स्वामी स्थानांतरण का काम बंद होने पर मायूस लौट गए। वहीं, बुधवार को कार्यालय में सभी पटलों पर कैश में फीस जमा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ऐसे में बुधवार को किसी भी पटल पर कैश जमा नहीं किया गया।
विज्ञापन

बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में लाइसेंस के पटल पर काम चल रहा था। वहीं, पंजीयन के पटल पर लिपिक राजेंद्र कामकाज निपटा रहे थे। वाहन स्थानांतरण के पटल पर ताला लटका था।
पूछने पर पता चला कि लिपिक भीम कोर्ट में जिला एटा गए हैं। कार्यालय में वाहन स्थानांतरण के लिए तीस से अधिक लोग वाहन लेकर पहुंचे थे। बेचने व खरीदने वाले पक्ष के दोनों लोग मौजूद थे।
विज्ञापन

पटल बंद और लिपिक के होने पर वाहन स्वामी परेशान होकर वापस चले गए। कार्यालय में बुधवार को सभी पटलों पर नगद फीस जमा करने पर रोक लगा दी गई है। अभी तक वाहनों की फिटनेस व नये वाहनों के पंजीकरण की फीस कैश के पटल पर जमा हो जाती थी। लाइसेंस के अलावा सभी फीस ऑनलाइन पहले से ही जमा करने की व्यवस्था है।
ऑनलाइन फीस जमा करने पर आवेदक को तारीख का स्लाट मिल जाता है। उसी तिथि में काम करने के लिए आवेदक को एआरटीओ कार्यालय पहुंचना होता है। यदि स्लाट वाले दिन आवेदक नहीं गया। कार्यालय का कर्मचारी अवकाश पर हुआ तो काम न होने पर आवेदक को पुन: स्लाट लेने के लिए चार सौ रुपये फीस जमा करनी पड़ती है। इससे बुधवार के वापस जाने वाले लोगों को दोबारा फीस जमा करनी होगी।
विभाग ने दिसंबर माह में एआरटीओ को तीन करोड़ तेरह लाख राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया है। प्रशासनिक व प्रवर्तन को मिलकर यह लक्ष्य पूरा करना होगा। इसको लेकर एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने पीटीओ वीके आनंद को प्रवर्तन का काम तेजी से करने के आदेश दिए हैं, ताकि समय से लक्ष्य पूरा किया जा सके।
एआरटीओ कार्यालय में तैनात आरआई जीवन कुमार विभाग की ट्रेनिंग पर एक दिसंबर से गए हुए है। अभी तक उनके कोड पर ही काम चल रहा था। उनके ट्रेनिंग पर जाने के बाद भी लिपिक भीम ने मंगलवार को आरआई के कोड पर काम किया।
इसकी जानकारी पर आरआई जीवन कुमार ने कोड बंद करवा दिया और लिपिक से नाराजगी जताई। इसके कारण वाहनों की फिटनेस का काम मंगलवार और सोमवार को प्रभावित रहा। बुधवार को एआरटीओ का कोड जनरेट हुआ, तब कहीं जाकर वाहनों की फिटनेस का काम शुरू हो सका।
तत्कालीन एआरटीओ मोहम्मद हसीब के कार्यकाल में कैशियर अभिषेक के कोड से एक वाहन का स्थानांतरण किया गया था। उस दौरान कैश के पटल पर दो बाहरी लोग भी काम करते थे। वाहन स्वामी को गलत स्थानांतरण की जानकारी होने पर उसने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर इसकी शिकायत कर दी।
इस मामले में आरआई समेत कैशियर को लखनऊ मुख्यालय में तलब कर स्पष्टीकरण मांगा गया। एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि वाहन स्थानांतरण में लिपिकीय त्रुटि थी। वाहन स्थानांतनण में रजिस्ट्रेशन का प्रपत्र कंप्यूटर से प्रिंट नहीं किया गया था। उस भूल का सुधार करके जवाब मुख्यालय में भेज दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें