वसंत पंचमी पर्व शहर में बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। युवाओं और बड़ों ने जमकर पतंगबाजी की। शाम को आसमान में सतरंगी आतिशबाजी से दीवाली सा माहौल नजर आया।
शहर में वसंत पंचमी पर पतंगबाजी की परंपरा वर्षों पुरानी चली आ रही है। बच्चे और युवा छतों पर चढ़ गए और धुंधलके में ही पतंग उड़ाना शुरू कर दिया। युवतियों ने भी खूब पतंगें उड़ाईं। सुतहट्टी, सिल्वर साइन गली, पक्कापुल और बजरिया आदि में स्थित पतंगबाजों की दुकानों पर पतंग और मांझा खरीदने के लिए भीड़ लगी रही।
जैसे ही शाम हुई तो छतों पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी छुड़ाई, जिससे आसमान में सतरंगी छठा बिखर गई। वसंत पंचमी के पर्व पर मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। मठिया देवी मंदिर में स्थित मां सरस्वती की प्रतिमा पर पहुंचकर लोगों ने प्रसाद चढ़ाया। घर में वसंत की पूजा की गई।
वसंत पंचमी के पर्व पर पतंगबाजी के साथ ही लोगों ने भुने आलू का भी जमकर लुत्फ उठाया। छतों पर भुने आलू का इंतजाम कर रखा था। किसी ने कंडे की आंच तो किसी ने भट्ठी पर बालू में आलू भुने। बूरावाली गली निवासी शिवम कुमार, वासु कुमार, दीपू कुमार, सोनू कुमार, गोलू यादव, जागेश्वर यादव और गौरव कुमार आदि युवाओं का कहना था कि वह लोग हर साल वसंत पंचमी पर आलू भुनते हैं। पतंगबाजी के साथ चटनी और नमक के साथ आलू खाने का अलग ही मजा होता है।
भारतीय पिछड़ा वर्ग संगठन के पदाधिकारियों ने बुधवार को बैठक कर वसंत पंचमी पर्व मनाया। संचालन कर रहे डा. चंद्रशेखर शाक्य ने कहा कि वसंत पंचमी पर्व खेत-खलिहान में नई बयार लेकर आती है। रक्षपाल राजपूत, द्वारिका प्रसाद और सुंदरलाल ने भी विचार रखे। परशुराम, बेचेलाल, रामऔतार, कृष्ण कुमार, गिरजाशंकर, मानसिंह पाल और श्रीकृष्ण शाक्य मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। सनकादेश्वर महाकाल मंदिर पांचाल घाट पर वसंत पंचमी पर्व पर भंडारे का आयोजन किया गया। कृष्ण बहादुर अस्थाना और मुनि अलौकिक महाराज ने मां सरस्वती को पीले वस्त्र आदि पहनाकर भव्य शृंगार किया। यज्ञ के बाद भंडारा शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर राजू शुक्ल, सेवादास, प्रभुदास, मुकेश, संध्या, बबली, सरोज सक्सेना, लता कटियार, गंगापूजन, प्रभुदास और बेचे गिरि मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। महान सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया व हजरत अमीर खुशरोह की याद में बुधवार को धूमधाम से जश्ने वसंत कार्यक्रम मनाया गया। इस दौरान निकले गागर जुलूस में सभी धर्म गुरुओं ने भाग लेकर गंगा-जमुनी तहजीब का नमूना पेश किया।
मोहल्ला दिलावरजंग स्थित मयकदा वारसी सत्तारी से सूफी पप्पन मियां के नेतृत्व में जश्ने वसंत कार्यक्रम के अवसर पर गागर जुलूस निकला। गागर जुलूस मोहल्ले भर में घूमा और इसके बाद मयकदा वारसी सत्तारी में आकर समाप्त हो गया। सूफी पप्पन मियां ने कहा कि हर साल वसंत पंचमी के पर्व पर जश्ने वसंत कार्यक्रम में मनाया जाता।
इसका उद्देश्य जिले की गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखना है। मुरादाबाद से आए मौलाना फजले रहमानी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से भाईचारा बढ़ता है। इस अवसर पर अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, ज्ञानी गुरुवचन सिंह और पादरी किशन मसीह के अलावा वारिस अली शाह, बाबा सत्तार शाह रहमानी, मिर्जा अशरफ अली और जौहर रहमानी आदि मौजूद रहे।