फर्रुखाबाद। फेब्रिक पर 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगने से जिले में हो रहे 500 करोड़ के जरदोजी और कपड़ा छपाई कारोबार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कारोबारी खासे चिंतित हैं। इसको लेकर दूसरे देशों में व्यापार बढ़ाने को लेकर तेजी से जोर आजमाइश शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि कुछ दिन दिक्कत जरूर रहेगी मगर आने वाले दिनों में हालात में सुधार होने की उम्मीद है।
जिले में जरदोजी और कपड़ा छपाई का बड़ा कोराबार है। भारी मात्रा में जिले से यह माल अमेरिका भी भेजे जाते हैं। सबसे अधिक जरदोजी का सामान अमेरिका जाता है। अमेरिका की ओर से 50 फीसदी टैरिफ लगाने से यहां का माल महंगा होने से मांग में बड़ी कमी आना तय है। इसको लेकर जरदोजी और कपड़ा छपाई कारोबारी खासे चिंतित हैं। यहां के कारोबारी दिल्ली और नोएडा में बैठे एक्सपोर्टरों के संपर्क में हैं। अमेरिका में कम माल जाने के चलते इसकी भरपाई अफ्रीकी, अरब देशों में अधिक माल भेजकर करने की रणनीति बनाई जा रही है। फिलहाल कारोबार को लेकर लोगों में अनिश्चितता बनी हुई है।
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दूसरे देश भेजकर होगी भरपाई
फोटो-हाजी मुजफ्फर हुसैन रहमानी
जरदोजी एक्सपोर्ट करने वाले जरदोजी व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष हाजी मुजफ्फर हुसैन रहमानी कहते हैं कि एक रास्ता बंद होता है, तो दूसरा खुलता है। उनकी कई देशों के बड़े व्यापारियों से बात चल रही है। उनकी कोशिश रहेगी कि जो माल अमेरिका जाता था, वह दूसरे देशों में भेजकर भरपाई कर लें।
कुछ समय बीतने के बाद करेंगे कोशिश
जरदोजी व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष अतीक अहमद कहते हैं कि शुरुआती दिनों में दिक्कतें आएंगी। उनके यहां से माल नोएडा के रास्ते विदेशों में जाता है। फिलहाल चिंता की बात तो है, मगर समय बीतने पर कोशिशें करेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी।
हालात सुधरने की उम्मीद
फर्रुखाबाद वस्त्र लघु उद्योग संघ के जनरल सेक्रेटरी कपिल साध कहते हैं कि बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। माल की मांग कम होगी। नए देशों तक पहुंच करनी पड़ेगी। एक्सपोर्टर सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालात सुधरने की उम्मीद हैं।