फर्रुखाबाद। दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में रविवार को पहला कुल हजरत हुसैन बख्श सरकार रहमतुल्लाह का उर्स बेहद सादगी से शुरू हुआ। तीन दिन तक दरगाह में कार्यक्रम चलेंगे। आयोजन में इस दफा भीड़ न जुटाने को हिदायत दी गई है। पहले दिन कव्वालियों का दौर चलता रहा।
शहर के मोहल्ला सूफी खां स्थित दरगाह हुसैनिया मुजीबिया हिंदू, मुस्लिम एकता की प्रतीक है। यहां हर साल हजारों लोग हाजिरी लगाने पहुंचते हैं। रविवार को दरगाह में 251वें उर्स मुबारक का आगाज किया गया। इस बार यहां चंद अकीदतमंद ही दिखे।
दरगाह के सज्जादानशीन शाह फसीह मुजीबी ने हजरत हुसैन बख्श सरकार रहमतुल्लाह के पहले गुस्ल का आयोजन किया। दरगाह के नायब सज्जादानशीन हिलाल मुजीबी ने उर्स में आए अकीदतमंदों का इस्तकबाल किया। इस दौरान कव्वाली भी पेश की गई।
उर्स में वारिस अली, इंतजार अली, खुर्शीद खान, तौसीफ खान, मुशर्रफ कादरी, मुन्ना आदि मौजूद रहे। दरगाह के सज्जादानशीन शाह फसीह मुजीबी ने बताया कि नौ नवंबर को शाह तालिब मुजीबी का गुस्ल होगा और दस नवंबर को शाह फुंदन मुजीबी के कुल के साथ तीन रोजा उर्स का समापन हो जाएगा।