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Farrukhabad News: प्राथमिकी में परिजन का नाम न होने पर हंगामा, पोस्टमार्टम हाउस में छिपा सिपाही

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फर्रुखाबाद/नवाबगंज। महिला की हत्या के मामले में भाई ने आरोपी नाबालिग पौत्र के परिजन के भी शामिल होने का आरोप लगाकर बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस परिसर में हंगामा कर दिया। मामला बढ़ता देख शव के साथ आया सिपाही भागकर छिप गया। फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने किसी तरह मामला शांत किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से 12 चोटों के निशान मिले। आरोपी को किशोर संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
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नवाबगंज थाना व कस्बा के बाइपास रोड निवासी जगमोहन शर्मा के कोई संतान न होने से उन्होंने नगला कलार निवासी अपने साले सुआलाल शर्मा की चार माह की पुत्री शिल्पी को गोद लिया था। अब वह करीब 17 वर्ष की हो चुकी है। वह पत्नी लक्ष्मी देवी व बेटी शिल्पी के साथ घर में रहते थे। बुधवार सुबह जगमोहन बेटी शिल्पी के साथ दवा लेने मैनपुरी गए थे। लक्ष्मी देवी घर में अकेली थी।
इस दौरान भाई रामऔतार के पुत्र संजीव के 17 वर्षीय बेटे ने कमरे में घुसकर अपनी चचेरी दादी लक्ष्मी देवी की हंसिया से हमला हत्या कर दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। वहां मौजूद लक्ष्मी देवी के भाई सुआलाल ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी अकेले नाबालिग पौत्र के नाम क्यों लिखाई गई। हत्या की साजिश में आरोपी का माता-पिता व बाबा भी शामिल हैं। इसको लेकर जगमोहन शर्मा व सुआलाल के बीच विवाद होने लगा। मामला तूल पकड़ता देख शव लेकर गए सिपाही ने हस्तक्षेप कर रोकने का प्रयास किया तो मायके वाले सिपाही पर भी हमलावर हो गए।
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भयभीत सिपाही पोस्टमार्टम हाउस में जाकर छिप गया। फतेहगढ़ कोतवाली के दरोगा संजय दुबे आरक्षियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाया कि यह आरोप विवेचना का विषय है। प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है और आरोपी भी पकड़ा जा चुका है। अन्य आरोपियों के नाम भी पुलिस विवेचना में सामने आ जाएंगे। सुआलाल ने पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने की जिद की। पुलिस ने हस्तक्षेप कर शव जगमोहन शर्मा को सौंप दिया।
सूत्रों के अनुसार धारदार हथियार से महिला के सिर फटा होने के साथ कान के पास, गले में व चेहरे सहित 12 जगह चोटों के निशान मिले। नवाबगंज थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया। वहां से उसे किशोर संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।
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